जींद। प्रदेश सरकार ने कोरोना काल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 118 कैदियों को राहत दी थी, ताकि जेल में बंद कैदी कोरोना के संक्रमण से बच सकें। अब इन कैदियों को दोबारा जेल में बुलाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए कैदियों के पास पत्र भेजे जा चुके हैं। मंगलवार को प्रथम चरण में जिला जेल में 14 कैदी लौटे।
जिला जेल में नौ चरणों में कैदियों को वापस बुलाया जा रहा है। 23 फरवरी से प्रथम चरण में शुरू हुई प्रक्रिया 14 मई को नौवें चरण में खत्म होगी। प्रथम चरण में 14 कैदियों को जेल में बुलाया गया, बाकि आठ चरणों में 13-13 कैदियों को जेल में बुलाया जाएगा। इसके अलावा 28 कैदी ऐसे हैं, जिनको सात वर्ष तक की सजा हुई है। इन कैदियों को वापस बुलाने के लिए जेल प्रशासन के पास फिलहाल कोई हिदायत नहीं आई है। जेल में आने से पहले प्रत्येक कैदी को अपनी कोरोना जांच रिपोर्ट साथ लेकर आना अनिवार्य है।
इन चरणों में आना होगा कैदियों को वापस जेल
प्रथम चरण कैदियों की संख्या
23 फरवरी 14
5 मार्च 13
15 मार्च 13
25 मार्च 13
4 अप्रैल 13
14 अप्रैल 13
24 अप्रैल 13
4 मई 13
14 मई 13
सभी कैदियों के पास भेजा जा चुका है पत्र
कोरोना काल में जिला जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे 118 कैदियों को वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नौ चरणों में सभी कैदियों को वापस जेल में डाला जाएगा। सभी को कोरोना जांच रिपोर्ट साथ लेकर आनी होगी। प्रथम चरण में मंगलवार को 14 कैदी जेल लौटे। इसके अलावा सात वर्ष तक के कारावास की सजायाफ्ता 28 कैदीभी पैरोल पर रिहा हैं। उनके वापस बुलाने के लिए फिलहाल कोई हिदायत सरकार की तरफ से नहीं मिली है।
- संजीव बुधवार, जिला जेल अधीक्षक जींद