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नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटस-सी की टेबलेट खत्म, मरीजों ने किया हंगामा

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नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटिस सी की टैबल खत्म होने पर मरीजों ने किया हंगामा
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल में वीरवार को हेपेटाइटिस-सी (काला पीलिया) की दवा खत्म हो गई। यहां दवा लेने आए लगभग 70 मरीजों ने हंगामा कर दिया। हंगामे के बाद मरीजों को एक दिन की दवा दे दी गई, मगर मरीज चाहते थे कि उन्हें 10-12 दिन की दवा दी जाय। अस्पताल में इतने दिनों की दवा नहीं होने पर मरीजों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने हंगामा कर दिया। मरीजों ने कहा कि डोज टूट जाने से उनको नुकसान हो सकता है, लेकिन चिकित्सकों के अनुसार एक-दो दिन डोज नहीं लेने से कोई नुकसान नहीं होगा। सिविल सर्जन डॉ. शशि प्रभा ने दावा किया कि मंगलवार तक दवाई मिल जाएगी। यह तीन महीने का कोर्स होता है। एक-दो दिन बीच में डोज नहीं लेने से उसे बाद में बढ़ाया जा सकता है।
गांव दनौदा निवासी सुभाष, नरवाना निवासी भतेरी देवी, दुड़ाना निवासी कुलविंदर, नरवाना निवासी सत्यवान, सविता, दनौदा खुर्द निवासी सुमित्रा देवी, बिघाना निवासी रामनिवास, डौहाना खेड़ा निवासी कृष्ण, लोधर निवासी इंद्र सिंह, अनिल, धनौरी निवासी संतरो देवी, धनौरी निवासी राजेंद्र, काब्रछा निवासी ओमपाल, राजगढ़ ढोबी निवासी दलबीर आदि ने कहा कि उनका एक से डेढ़ महीने से हेपेटाइटिस-सी का इलाज चल रहा है। वीरवार को उन्हें केवल एक ही दिन की दवा दी गई। जब अस्पताल प्रशासन से अधिक डोज देने की बात कही गई तो उन्होंने दवा नहीं होने की बात कही। उक्त लोगों ने कहा कि यदि उनकी डोज बीच में टूट गई तो उनकी बीमारी का पूरा इलाज नहीं हो पाएगा। ऐसे में उन्हें शुक्रवार को डोज नहीं होने की चिंता सता रही है। इन लोगों का कहना है कि वह बीमार होने के कारण बार-बार नागरिक अस्पताल के चक्कर नहीं काट सकते। उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पताल से इस समय 300 लोग हेपेटाइटिस-सी की दवा ले रहे हैं। दवा नहीं मिलने के कारण इनको भारी परेशानी उठानी पड़ेंगी।
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गांव धनौरी निवासी राजेंद्र, गांव काब्रछा निवासी ओमपाल व गांव राजगढ़ ढोबी निवासी दलबीर ने कहा कि वे डेढ़ महीने से लगातार हेपेटाइटिस-सी की दवाई खा रहे हैं। नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने ही कहा था कि एक दिन भी दवाई नहीं ली तो पूरा तीन महीने का कोर्स दोबारा शुरू करना पड़ेगा। अब दवाई अस्पताल में ही नहीं मिल रही है तो उनको फिर से दवाई नए सिरे से शुरू करनी पड़ेगी और बार-बार नागरिक अस्पताल के चक्कर काटने पड़ेंगे। जब चिकित्सकों को पता है कि दवाई खत्म होने वाली है तो पहले ही क्यों नहीं मंगवाई जाती। मरीजों के हंगामे के बाद ही दवाई की चिकित्सकों को याद आती है।
तीन महीने चलता है इलाज
नागरिक अस्पताल मेडिसन डॉक्टर नरेश वर्मा ने कहा कि हेपेटाइटिस-सी के मरीज का तीन महीने इलाज चलता है। उसे तीन महीने में 90 गोलियां खानी पड़ती हैं। पूरे तीन महीने का कोर्स होने के बाद ही यह बीमारी जड़ से खत्म हो सकती है। बीच में यदि एक-दो दिन डोज टूट जाए तो कोई ज्यादा परेशानी नहीं होती। बीच में जितने दिन दवाई टूट जाती है, उतने दिन अधिक दवाई लेनी पड़ती है। जल्द ही नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटिस-सी की दवाई उपलब्ध हो जाएगी।
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मंगलवार तक मिल जाएगी दवाई
सिविल सर्जन डॉ. शशि प्रभा ने कहा कि उन्होंने दवाई के लिए लिख दिया है। मंगलवार तक दवाई मिल जाएगी। दवाई बीच में एक-दो दिन नहीं लेने से कोई ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह केंद्र सरकार का कंट्रोल कार्यक्रम है। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से ही दवाई मिलती हैं। जिस वेयर हाउस से उन्हें दवाइयां मिलती हैं, वहां पर दवाइयां खत्म हो गई हैं। यदि किसी मरीज को ज्यादा परेशानी है तो उसे हम रोहतक पीजीआई रेफर कर देंगे, वहां से दवाई मिल सकती हैं।
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