फल्गू मेले और पीएम की रैली में गईं एंबुलेंस, तड़पते रहे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। कम संसाधनों के चलते पहले ही वेंटिलेटर पर चल रही जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकारी मार भी पड़ी है। इसके चलते मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। इस बार जिले की एंबुलेंस सेवा पर सरकारी व्यवस्था की मार पड़ी है। इसके चलते गोहाना निवासी घायल महिला को करीब दो घंटे बाद एंबुलेंस मिल पाई।
हुआ यूं कि गोहाना की हुकमचंद कॉलोनी निवासी सुनीता अपनी ननद के साथ पांडू पिंडारा में अमावस्या का स्नान करने आई थी। जब वे लोग गोहाना जाने के लिए पांडू पिंडारा गांव के बस स्टॉप पर खड़े थे उसी दौरान जींद की ओर से एक बस आई और दोनों महिलाएं इसमें सवार हो गईं। बस चलते ही इसमें मौजूद अन्य यात्रियों ने बताया कि बस गोहाना नहीं जाएगी। इस पर सुनीता चलती बस से ही उतरने का प्रयास करने लगी और वह गिर गई। यहां लोगों ने एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन काफी देर तक नहीं पहुंची। ऐसे में निजी वाहन से महिला को नागरिक अस्पताल लाया गया। महिला को यहां करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद एंबुलेंस मिल पाई। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी एंबुलेंस नहीं होने की बात कह कर मामला टाल दिया।
पीएम की रैली और फल्गु मेले में गई हैं एंबुलेंस
जिला में कुल 15 एंबुलेंस हैं। इनमें से छह एंबुलेंस जींद के नागरिक अस्पताल में हैं। दो एंबुलेंस किलकारी हैं, जो दिन भर सिर्फ जच्चा व बच्चा को उनके घर तक पहुंचाती हैं। दो एंबुलेंस मंगलवार को सांपला में प्रधानमंत्री की रैली में भेज दी गई। एक एंबुलेंस खराब है और एक एंबुलेंस के सहारे व्यवस्था चली। जिस समय महिला को अस्पताल में लाया गया, एंबुलेंस मरीज को लेकर रोहतक पीजीआई गई हुई थी। इसके चलते महिला को करीब एक घंटे तक यहां एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा।
पहले भी हो चुकी है परेशानी
एंबुलेंस की कमी के चलते पहले भी काफी परेशानी हो चुकी है। करीब दस दिन पहले मनोहरपुर गांव के पास हुए सड़क हादसे में पांच-छह लोग घायल हो गए थे। इस दुर्घटना में भी घायलों को एंबुलेंस नहीं मिल पाई थी। इसके चलते एक घायल की रास्ते में ही मौत हो गई थी।
जिला को चाहिए 25 एंबुलेंस
करीब 14 लाख की आबादी वाले जींद जिला को नियमानुसार 25 एंबुलेंस चाहिए, लेकिन यहां महज 15 ही एंबुलेंस हैं। इनमें से छह जींद के नागरिक अस्पताल में, दो नरवाना, दो सफीदों व कुछ सीएचसी स्तर पर हैं। इसके चलते आए दिन मरीजों को परेशानी होती है।
हां एंबुलेंस की कमी है। इसके चलते परेशानी होती है। सरकार को मांग भेज रखी है। सरकार से एंबुलेंस मिलने के बाद ही कुछ हो सकता है। एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर ही देरी होती है।
डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन।