सीआरएसयू की भर्तियों में फर्जीवाड़े का आरोप, इनेलो नेताओं ने एक उम्मीदवार को किया पेश
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। अपनी नियुक्तियों में पारदर्शिता का दावा करने वाले चौधरी रणबीर सिंह विवि प्रशासन पर नौकरियों में मनमानी करने का आरोप लगा है। आरोप लगाया है इनेलो नेताओं ने। इनेलो नेताओं ने अर्बन इस्टेट कॉलोनी निवासी ईश्वर दास कौशिक को मीडिया के समक्ष पेश किया। ईश्वर दत्त कौशिक का कहना है कि उसके बेटे जगदीप कौशिक की मेरिट को अनदेखी कर सीआरएसयू ने उन्हें नौकरी से महरूम रखा है। इसकी जांच एडीसी द्वारा की गई है। इसमें विश्विविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल यह मामला उच्चर शिक्षा विभाग के पास है। इनेलो नेता डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने इस मामले व विश्वविद्यालय की तमाम भर्तियों की जांच करवाने की मांग की है।
डॉ. मिढ़ा ने बताया कि सीआरएसयू ने 2016 में 26 श्रेणियों के लिए पदों का विज्ञापन जारी किया। इसमें अधीक्षक के दो पदों के लिए भी आवेदन मांगे गए थे। इसके तहत कुल 40 उम्मीदवारों ने आवेदन किया। इसमें लिखित परीक्षा व कंप्यूटर परीक्षा ली। इसके तहत रोल नंबर 110026, 110004 व 110009 तीन उम्मीदवारों को शॉर्ट लिस्ट किया गया। इन तीनों उम्मीदवारों को दो सितंबर को साक्षात्कार के लिए सुबह दस बजे विश्वविद्यालय बुलाया गया। आरोप है कि जब तीनों उम्मीदवार साक्षात्कार के लिए पहुंचे, विश्वविद्यालय प्रशासन ने साक्षात्कार का समय बदल कर शाम तीन बजे कर दिया। तीन और उम्मीदवारों को शार्ट लिस्ट में डाल दिया गया। ईश्वर दास कौशिक के अनुसार यहीं से पूरा खेल शुरू हो गया। इसके बाद ऐसे उम्मीदवार का चयन हुआ है, जो पहले मेरिट सूची में था ही नहीं।
बिना योग्यता पूरी करने वाले उम्मीदवार का चयन
ईश्वर दास कौशिक का कहना है कि जिस उम्मीदवार का चयन हुआ है, वह विश्वविद्यालय द्वारा मांगी गई योग्यता पूरी नहीं कर रहा है। इसके बावजूद उसका चयन किया गया। इतना ही नहीं दो पदों पर आवेदन मांगे गए और सिर्फ एक ही पद पद ज्वाइन करवाया गया है। इस भर्ती में प्रतीक्षा सूची भी नहीं खरी गई, जबकि रिक्त पदों के तीन गुना उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया।
मामले की हो उच्च स्तरीय जांच
ईश्वर दास कौशिक ने इस मामले की शिकायत सीएम विंडो पर की। बार-बार रिमाइंडर डालने पर शिक्षा विभाग ने जींद के डीसी को मामले की जांच के लिए कहा। इस पर जींद के तत्कालीन एडीसी मनदीप कुमार ने इसकी जांच की। जांच के बावजूद यह मामला उच्चर शिक्षा विभाग इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस पर ईश्वर दास कौशिक ने यह मामला जींद के विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा के संज्ञान में लाया। इस पर विधायक के बेटे और इनेलो नेता डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने इस मामले को उठाया है। डॉ. कृष्ण मिढ़ा का कहना है कि यह जींद के युवाओं के साथ धोखा है और इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
बरती गई हैं अनियमितताएं
डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने इस दौरान जांच रिपोर्ट की प्रतियां भी मुहैया करवाई। इसमें एडीसी ने साफ शब्दों में माना है कि भर्ती में अनियमितता हुई है। एडीसी की रिपोर्ट में लिखा है कि चौधरी रणबीर सिंह विवि द्वारा विज्ञापन संख्या 6/2016 के अंतर्गत की गई नियुक्तियों के दौरान एक समान प्रक्रिया न अपनाकर अनियमितता बरती गई है।
नहीं मिली है जांच रिपोर्ट
यह मामला संज्ञान में है, लेकिन इसकी जांच रिपोर्ट शिकायतकर्ता को मिल गई है, लेकिन विश्वविद्यालय को नहीं मिली है। ऐसे में इस बारे में कोई भी टिप्पणी नहीं की जा सकती। रही बात चयनित उम्मीदवार की योग्यता की वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इनफॉर्मेशन टेक्नॉलोजी में कार्यरत था। वहां सुप्रिंटेंडेंट का पदनाम मैनेजर होता है। ऐसे में उम्मीदवार की योग्यता सही है।
प्रोफेसर आरबी सोलंकी, कुलपति, सीआरएसयू।