सैनी और मलिक की रैलियां बीजेपी द्वारा प्रायोजित : ढुल
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति से अलग हुए नेताओं ने मीटिंग मीटिंग कर बताया रैलियों को विफल
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
कुछ समय पहले मतभेद के चलते यशपाल मलिक की अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति से अलग हुए नेताओं ने रविवार की जसिया रैली पर सवाल उठाए हैं। इसको लेकर समिति के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरभान ढुल की अध्यक्षता में जाट धर्मशाला में मीटिंग हुई।
ढुल ने कहा कि यशपाल मलिक और उसके समर्थक जसिया में आयोजित रैली में वांछित भीड़ जुटाने नाकाम रहे हैं। जाट नेता बीजेपी, इनेलो और रामपाल के समर्थकों के सहयोग से अपनी इज्जत ही बचा पाए हैं। उन्होंने कहा कि रामपाल अनुयायियों को यह कह कर बुलाया गया कि रामपाल को जेल से छुड़वा देंगे और रैली में रामपाल प्रकट होगा। उन्होंने कहा कि रैली में अधिकतम 10 हजार की भीड़ भी नहीं जुटी, जबकि भीड़ जुटाने के लिए कई सितारों के आने की घोषणा की गई थी। ढुल ने कहा कि राजकुमार सैनी और यशपाल मलिक की रैली दोनों ही जगह बीजेपी द्वारा प्रायोजित थी। इस दौरान मीटिंग में खाप प्रवक्ता महेंद्र जागलान, पाला राम बीबीपुर, होशियार सिंह गिल, किताब सिंह भनवाला, ओमसिंह सांगवान, आरडी बूरा, मदन मलिक, चांदरूप मलिक, बलवान सिंह, रामकुमार भम्भेवा, दलबीर रेढू, जयनारयाण जिलेदार, ईश्वर कंडेला, सूरजमल नैन और सूरजभान देशवाल मौजूद रहे।
आज झज्जर में धरना
ढुल ने कहा कि जाट आरक्षण अध्यक्ष मंडल का धरना मंगलवार को झज्जर में और दो दिसंबर को सोनीपत में होगा। इस दौरान जाट आरक्षण सहित सभी केस वापस लेने की मांग की जाएगी।
27जेएनडी30: जाट धर्मशाला में मीटिंग करते जाट नेता।