उपभोक्ताओं को रास नहीं आ रही बिजली बिल माफी योजना
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। बिजली निगम का जिले के उपभोक्ताओं की तरफ करोड़ों रुपये का बकाया है। इस बकाया उपभोक्ताओं की जेब से निकलवाने और उपभोक्ताओं को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए निगम ने बिल माफी योजना का सहारा लिया। इस माफी के तहत उपभोक्ताओं को 1410 रुपये सालाना एक किलोवाट तक जमा करवाने थे। इस योजना का जिले के पांच प्रतिशत डिफाल्टरों ने ही लाभ उठाया और यह योजना ज्यादा कारगर साबित नहीं हुई। जिसमें अभी तक 95 प्रतिशत डिफाल्टर इस बिल माफी योजना का लाभ उठाने के लिए आगे नहीं आ रहे।
जिले में 22 सितंबर से शुरू हुई इस बिल माफी योजना के तहत अब तक 6962 लोगों ने लाभ लेकर बिजली निगम को पांच करोड़ 52 लाख रुपये का राजस्व दिया है। इसके तहत इन लोगों के लगभग 111 करोड़ रुपये निगम ने माफ किए हैं। इस बिल माफी योजना का लाभ 15 जून 2005 से 15 जून 2018 के मध्य हुए डिफाल्टर उपभोक्ताओं को दिया जाना है। इस योजना के तहत पांच किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को छूट मिली है। निगम की इस माफी का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को दिलाने के लिए 30 नवंबर को बिजली निगम के सीएमडी शत्रुजीत कपूर राजकीय महिला कालेज के मल्टीपर्पज हाल में जिले भर के सरपंचों की बैठक भी लेंगे। इस बैठक में वह पंचायत के इन प्रतिनिधियों को ग्रामीण क्षेत्र में निगम की इस योजना के बारे में जागरूकता अभियान चलाने के लिए प्रेरित करेंगे, ताकि उपभोक्ताओं का भारी भरकम बिल जमा करवाने से पीछा छुटे और डिफाल्टर उपभोक्ता दोबारा से बिल जमा करवाकर व्यवस्था को पटरी पर ला सकें।
इस प्रकार है उपभोक्ताओं का विवरण
जिले में बिजली निगम के 91687 उपभोक्ता ऐसे हैं, जो डिफाल्टर भी हैं और उनके बिजली के कनेक्शन सुचारु हैं। दूसरी तरफ 56122 उपभोक्ता ऐसे हैं। जिनके बिजली के कनेक्शन कटे हुए हैं। यह कनेक्शन घरेलू , दुकान, औद्योगिक तथा सरकारी विभागों के हैं। इनमें सरकारी विभागों के 551 कनेक्शनों के बिल पेंडिंग हैं। इनकी तरफ बिजली निगम का 2275.43 लाख रुपये बकाया है। इसके अतिरिक्त 9026 कनेक्शन कृषि उपभोक्ताओं के हैं। इनकी तरफ 1737 लाख रुपये बकाया हैं। इन डिफाल्टरों में 23711 शहरी घरेलू कनेक्शन, 102278 ग्रामीण घरेलू, 10406 नॉन डोमेस्टिक, 1837 इंडस्ट्रीज, 9026 एग्रीकल्चर के डिफाल्टर हैं। इन सभी की तरफ बिजली निगम का 158678 लाख रुपये बकाया है। दूसरी तरफ जन स्वास्थ्य विभाग के 392 कनेक्शनों के 1000 लाख रुपये बकाया हैं।
यह है योजना
इस योजना के तहत पांच किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को छूट मिली है। इनमें एक किलोवाट के डिफाल्टर उपभोक्ता को वार्ष में 1440 रुपये, दो किलोवाट के उपभोक्ता को 2880 रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से देना होगा। पांच किलोवाट के उपभोक्ता को 7200 रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से देने होंगे। उपभोक्ता अपने बिलों की यह राशि किश्तों में भी जमा करवा सकता है। जो उपभोक्ता किश्तों में राशि जमा करवाएगा। बिजली निगम उस उपभोक्ता को अंतिम किश्त में नो ड्यूज देने का काम करेगा।
जिला वासियों को सरकार की योजना का उठाना चाहिए लाभ: सैनी
प्रदेश सरकार ने बिजली निगम के डिफाल्टरों को अच्छी राहत दी है। सरकार की इस छूट योजना का लाभ लोगों को उठाकर नियमित रूप से बिजली के बिल भर ने चाहिए। अगर कोई उपभोक्ता एक साथ पैसे जमा करवाने में सक्षम नहीं है, तो वह किश्तों में भी सरकार की इस छूट योजना का लाभ ले सकता है।
श्यामबीर सैनी एक्सईएन बिजली निगम जींद।