राहों में सिमटा राहगीरी कार्यक्रम, जुटाने पर भी नहीं मिल रहे हैं दर्शक
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। राहगीरी कार्यक्रम अब जींद की राहों में ही सिमट कर रह गया है। राजकीय महिला कॉलेज के सामने वीरवार को 12वां राहगीरी कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह भारी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी राहगीरी कार्यक्रम में पहुंचे, लेकिन सामान्य दिन होने के कारण स्कूल और कॉलेज के बच्चों को इस बार प्रशासनिक अधिकारी कलाकार के रूप में नहीं जुटा पाए। राहगीरी कार्यक्रम में एसडीएम विरेंद्र सहरावत, एडीसी डॉ. मुनीष नागपाल, डीएसओ विनोद बाला, डीएसपी रामभज व सिविल लाइन थाना इंचार्ज विरेंद्र खर्ब मौजूद रहे।
इस दौरान दर्शक के रूप में एक घंटे तक कोई राहगीर कार्यक्रम में नहीं जुड़ा तो अपनी लाज बचाने के लिए अधिकारियों ने रोडवेज विभाग में चालक की ट्रेनिंग ले रहे लड़कों व जाईट कौशल विकास केंद्र की लड़कियों को दर्शक के रूप में इकट्ठा किया। वहीं मंच संचालन भी डीपीआरओ ने किया। वहीं डीपीआरओ स्टेज पर कला प्रदर्शन के लिए लोगों को माइक के जरिए बुलाते रह गए। जब कोई कलाकार नहीं आया तो अधिकारी खुद ही स्टेज पर कलाकार के रूप में अपनी-अपनी कला का प्रदर्शन करने आए। शुरूआत की सूर्यदेव आर्य ने जो रेडक्रॉस फर्स्ट एड लेक्चरर हैं। उन्होंने योग क्रिया करवाई। इसके बाद आईसीडीएस विभाग में सीडीपीओ सुशीला ने भ्रूणहत्या पर रागिनी सुनाई। इसके बाद डीडीयूजीकेवाई स्किल इंडिया सेंटर के मैनेजर प्रवीण व डीडीयूजीकेवाई की छात्रा अंजू ने भी अपनी प्रस्तुति दी। वहीं रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव राजपुरा सूरा व बिजली निगम से रिटायर्ड जेई महाबीर ने भी अपनी कलाकारी दिखाई।
घर पर कोई नहीं गाने देता तो सोचा यहीं गा लूं
रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव राजकुमार सूरा ने कहा कि मैं इतना खराब गाता हूं कि घर पर तो कोई गाने नहीं देता। सोचा की राहगीरी में ही गा लूं। घर पर मेरे गाने से सारे परेशान हो जाते हैं। घर पर नहीं गाने देते तो यही गाना गाने के लिए आ गया। इस दौरान राजकुमार सूरा ने आदमी हूं आदमी से प्यार करता हूं गीत गाया।
खुद ही वाहवाही लूट रहे थे अधिकारी
राहगीरी कार्यक्रम में रोडवेज में बस चालक की ट्रेनिंग ले रहे युवाओं व एक संस्थान छात्राओं को बुलाया को बुलाया। इस दौरान कोई राहगीरी कार्यक्रम में देखने के लिए नहीं रुका। कार्यक्रम में आयोजक प्रशासनिक अधिकारियों व ट्रेनिंग ले रहे बुलाए गए लड़के-लड़कियों के अलावा काई और नहीं था। कार्यक्रम भी अधिकारियों का ही था, कलाकार भी खुद अधिकारी ही थे। वहीं कार्यक्रम के अंत में प्रशासनिक अधिकारी कार्यक्रम की सफलता की वाहवाही की सेखी मार कर चलते बने।
शुगर और बीपी टेस्ट करवा कर चलते बने लोग
राहगीरी कार्यक्रम में मुफ्त स्वास्थ्य केंद्र का आयोज किया गया। इसमें बीपी व शुगर के रोगियों की जांच की गई। इस दौरान अधिकारियों द्वारा किया गया कला प्रदर्शन चेकअप के लिए आए लोगों को भी नहीं रास आया। वे लोग भी बीपी और शुगर के टेस्ट करवा जाते रहे। अधिकारियों की कला प्रदर्शन लोगों को रुझान नहीं दिखा।
अभी राहगीरी कार्यक्रम नियमित रूप से नहीं चल रहा है। इसके चलते लोग नहीं आ पाते। इसका नियमित किया जाएगा। सर्दियों में लोग सुबह कम निकलते हैं, ऐसे में कार्यक्रम को शाम के समय भी करने पर विचार किया जा रहा है।
अमित खत्री, डीसी।