चिह्नित अपराधों की सूची में शामिल होने वाले अपराधियों को मिले उचित सजा : डीसी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। ऐसे अपराध जिनका सामाजिक रूप से बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्हें चिह्नित अपराध की सूची में शामिल किया जाता है। यह अपराध महिला विरोधी हो सकते हैं। ऐसे अपराध करने वाले अपराधी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वह किसी भी सूरत में सजा से न बच पाएं। इसके लिए पूरे प्रयास किए जाने चाहिए। चिह्नित अपराध को लेकर मंगलवार को लघु सचिवालय में डीसी अमित खत्री, प्रवर पुलिस अधीक्षक डॉ. अरुण सिंह, जेल अधीक्षक हरेंद्र सिंह, अतिरिक्त जिला न्यायवादी विजय मान के मध्य बैठक हुई।
डीसी अमित खत्री एवं प्रवर पुलिस अधीक्षक अरुण सिंह ने कहा कि चिह्नित अपराधों में संलिप्त पाए जाने वाले अपराधियों को सजा दिलवाने के लिए कोई कोर कसर नहीं रखी जाए। ऐसे अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से लेकर उन्हें सजा दिलाने तक कोई कोर कसर नहीं रखी जानी चाहिए। ऐसे अपराधियों को मिलने वाली सरकारी सेवाओं को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया जाए। उनके हथियारों के लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे। उन्हें मिलने वाली सामाजिक पेंशन व अन्य प्रकार की छूट व सुविधाओं को भी बंद किया जा सकता है। प्रवर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चिह्नित अपराध की सूची में महिलाओं से जुड़े मामलों को शामिल किया जाता है। पोक्सो एक्ट के तहत अधिसूचित होने वाले मामलों को भी इसी श्रेणी में रखा जाता है। स्पेशल क्राइम जो समाज के लिए शर्मनाक साबित होते हैं, उन पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे अपराधों को चिह्नित किया जाता है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ऐसे लोगों को जहां कोर्ट से सजा मिले वहीं ऐसे अपराधियों को समाज के द्वारा भी घृणित दृष्टि से देखा जाना चाहिए। महिलाओं के अधिकारों का हनन, छोटी बच्चियों के अपहरण व रेप करने जैसे अपराध चिह्नित सूची में शामिल किए जाते हैं।