माइनर में कटाव के बाद बह रहा 150 क्यूसिक पानी, आसपास के खेतों के साथ जलघर डूबा
अमर उजाला ब्यूरो
अलेवा। जाखौली माइनर में गांव संडील के पास तीन दिन पहले हुए कटाव के कारण पानी ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। अब भी इस माइनर से 150 क्यूसिक पानी चल रहा है। पानी के कारण सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसल के साथ-साथ गांव का जलघर जलमग्न हो गया है। जल घर में लगे सभी उपकरण ठप हो गए हैं। इसके बावजूद नहर विभाग इस मामले को अनदेखा कर रहा है। ग्रामीणों को अब कई दिन पीने के पानी के लिए तरसना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना गांव की सरपंच के साथ-साथ विभाग के अधिकारियों को दी। गांव कि सरपंच सुषमा व जन स्वास्थ्य विभाग उचाना से जेई ने पहुंच कर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उनको जलघर के चैंबर में कई फीट पानी घुसा मिला। बिजली के अन्य उपकरण भी ठप नजर आए। उसके साथ-साथ उनको एक चौदह सौ फीट नीचे लगा सबमर्सिबल पंप धसा दिखाई दिया। जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने जल घर से पानी निकालने की कोशिश की लेकिन माइनर में कटाव के चलते पानी लगातार बढ़ता जा रहा है। नहर विभाग के अधिकारियों ने कहा कि माइनर में पहले 210 क्यूसिक पानी छोड़ा गया था, अब इसे घटाकर 150 कर दिया है व कटाव का पाट दिया जाएगा।
ग्रामीणों कच्चे पड़े इस माइनर को पक्का करने की मांग कई बार अधिकारियों के साथ-साथ सरकार में बैठे राजनेताओं से भी कर चुके हैं। 13 फरवरी 2018 को गांव में पहुंचे सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग हरियाणा के विशेष कार्य अधिकारी सीएम के ओएसडी कैप्टन भूपेंद्र ने जखौली माइनर की बुर्जी संख्या 64000 से 109090 तक पुनर्निर्माण के लिए उद्घाटन पत्थर लगाया था। उस दौरान ग्रामीणों ने यह मांग उनके समुख रखी थी लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं हुआ।
जन स्वास्थ्य विभाग के जेई रामदीपक ने कहा कि माइनर का पानी घुसने से जल घर में रखी कई मोटर खराब हो चुकी हैं। बिजली के अन्य उपकरणों को भी काफी नुकसान हुआ है। चैंबर से पानी निकालने की कोशिश की थी, लेकिन पानी रुक नहीं पाया। जब तक माइनर का पानी बंद नहीं होगा, तब तक समस्या बनी रहेगी। ग्रामीणों को भी पानी की सप्लाई मिलने में समय लगेगा।
माइनर को जितना पक्का करना था कर दिया। जब आगे पक्का करने के आदेश सरकार से मिलेंगे और पक्का कर देंगे। पहले माइनर में 210 क्यूसिक पानी छोड़ा हुआ था। अब इसे घटाकर 150 क्यूसिक कर दिया है। जैसे ही किसानों की मांग आएगी, उसी अनरूप पानी छोड़ा जाता है।
बनारसी दास, एक्सईएन, नहर विभाग पुंडरी।