अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
शहर के पॉश रिहायसी क्षेत्र अर्बन एस्टेट में रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। नगर परिषद ने 18 करोड़ रुपये का एस्टिमेट बनाकर मुख्यालय को भेज दिया है। अब इस पर सिर्फ मुख्यालय की मोहर लगने की औपचारिकता बची है।
पिछले करीब दो साल से अर्बन एस्टेट के ब्लॉक ए, बी, सी व डी सहित सेक्टर 11 व डिफेंस कॉलोनी की सड़कों की स्थिति बदहाल चल रही है। अर्बन एस्टेट की करीब 20 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण करने के लिए कई बार योजनाएं बनी, लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाई। करीब एक साल पहले जब प्रदेश सरकार हुडा क्षेत्रों को नगर परिषदों के अधीन देने का फैसला लिया तो जींद के अर्बन एस्टेट की हालत और भी खराब हो गई। छह महीने तक तो अर्बन एस्टेट का विकास हुडा और नगर परिषद के बीच फंसा रहा और इसके बाद नगर परिषद ने बजट नहीं होने की बात कह कर अर्बन एस्टेट के गड्ढों को अनदेखा कर दिया। अब इस पर नगर परिषद ने योजना तैयार की है।
एस्टिमेट तैयार
अर्बन एस्टेट में सभी सड़कें फिलहाल तारकोल की बनी हुई हैं, लेकिन नगर परिषद सीसी या ब्लॉक की ही सड़कें बनाता है। तारकोल के निर्माण के लिए अर्बन एस्टेट की सभी सड़कों के लिए पहले 25 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार हुआ, लेकिन यह नगर परिषद के बूते से बाहर हो चला। इसके बाद अब ब्लॉक की सड़कें बनाने के लिए दोबारा एस्टिमेट बनाया गया है।
मिट्टी से भरे गड्ढे
प्रदेश सरकार द्वारा लांच किए गए हरपथ एप के आने के बाद नगर परिषद द्वारा शिकायत मिलने पर मिट्टी से सड़कों के गड्ढों को भरवाया गया, लेकिन बारिश आते ही गड्ढों की मिट्टी निकल गई और फिर से अर्बन एस्टेट की सड़कें हिचकोले खाने लगी।
सड़कें बदहाल
अर्बन एस्टेट और डिफेंस कॉलोनी में सड़कों की हालत फिलहाल गांवों की गलियों से भी बदतर है। अर्बन एस्टेट के मुख्य मार्ग गोहाना रोड से जाट धर्मशाला और पूनिया अस्पताल तक कई खतरनाक गड्ढे बने हुए हैं। इनमें हर समय हादसों का भय लगा रहता है।
बॉक्स
दोबारा बना प्रस्ताव
दरअसल पहले नगर परिषद ने साढ़े आठ करोड़ रुपये खर्च कर अर्बन एस्टेट की मुख्य सड़कों का निर्माण करने की योजना बनाई थी। इसमें अर्बन एस्टेट की छह सात मुख्य सड़कें ही आ रही थी। ऐसे में इस एस्टिमेट को बढ़ा कर अब पूरे अर्बन एस्टेट के लिए ही करीब 18 करोड़ रुपये का बना दिया गया है।
हो चुका है आंदोलन
अर्बन एस्टेट की सड़कों की स्थिति को लेकर यहां रहने वाले लोग लामबंद होकर आंदोलन भी कर चुके हैं। इसके लिए लोगों ने प्रशासन को अल्टीमेटम भी दिया था। इसके बाद यह प्रस्ताव बनाकर सड़कें बनाने की योजना बनाई गई है।
देरी से ही सही मिलेगी राहत
अर्बन एस्टेट के साथ सरकार ने बहुत भेदभाव किया है। पिछले करीब दो साल से लोग यहां नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में तो चार कदम भी पैदल नहीं चला जा सकता। अर्बन एस्टेट की किसी भी सड़क पर गाड़ी के चारों पहिये बिना साफ सड़क पर नहीं चल सकते। इससे लोग काफी परेशान हैं। अब देरी से ही सही यहां सड़कें बनेंगी। इससे लोगों को राहत मिलेगी।
प्रवीण बैनिवाल, नगर पार्षद।
लोगों का संघर्ष सफल
हुडा क्षेत्र में रहने वाले लोग कई वर्षों से प्रशासन की अनदेखी को झेल रहे हैं। अब इसके खिलाफ लामबंद होकर आंदोलन शुरू किया गया तो प्रशासन की नींद टूटी है। सड़कें शहर की सबसे आधारभूत जरूरत है। यह जल्द से ठीक होनी चाहिए। यदि प्रशासन इसमें देरी करता है तो फिर से आंदोलन किया जाएगा।
फूल सिंह श्योकंद, प्रधान जन संघर्ष समिति
जल्द बनेंगी सड़कें
नगर परिषद के अधीन आने के बाद अर्बन एस्टेट की सड़कों को बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। पहले कुछ ही सड़कों का एस्टिमेट बना था, लेकिन लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पूरे अर्बन एस्टेट के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। मुख्यालय से रिपोर्ट आते ही टेंडर करवाकर इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
पूनम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद जींद।