हाल ही में संपन्न हुए पंचायती चुनाव के दौरान 296 गांव में नए सरपंच चुन लिए गए हैं। इस बार 166 गांवों में मैट्रिक पास सरपंच बने हैं जबकि दस स्नातकोत्तर, 13 स्नातक, दो इंजीनियर और एक एमबीए पास सरपंच चुने गए हैं जिनमें पुरुष 151 और 145 महिलाओं के हाथों में गांवों की चौधर साैंपी है।
अनुसूचित जाति के 67, बीसी और ओबीसी के 39, सामान्य और अन्य वर्ग से 190 सरपंच बने हैं। इनमें आठवीं पास 28 सरपंच बने हैं। वहीं आसन गांव में दसवीं पास उम्मीदवार ने पीएचडीधारक को हराकर सरपंच का ताज पहना है।
हालांकि चुनाव से पहले उम्मीदवारों की बात करें तो आठवीं पास 178 आवेदनकर्ता, दसवीं पास 1085, 12वीं पास 465, स्नातक और स्नातकोत्तर पास 71 आवेदनकर्ताओं ने नामांकन किए थे। चुनाव लड़ने के लिए 1996 उम्मीदवारों ने आवेदन किया। इसमें 1096 पुरुषों ने जबकि 900 महिलाएं शामिल थी। इनमें अनुसूचित जाति वर्ग के 447 उम्मीदवारों ने पर्चा भरा था। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग के 375 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था।
10वीं पास ने पीएचडी धारक को पछाड़ा
जींद विधानसभा के गांव आसन में दसवीं पास कविता ने पीएचडी धारक फूलकौर को पछाड़ा। इस गांव में कुल मत 2186 थे जिनमें 1880 मत पोल हुए। उनमें से कविता को सबसे ज्यादा 916 वोट मिले। इसके बाद सुनीता को 350 वोट, विमलेश को 333 वोट, फूलकौर को 259 और पलविंद्र कौर को मात्र 16 वोट ही मिल पाए। इस दौरान नवनिर्वाचित सरपंच कविता का कहना है कि ग्रामीणों ने प्रत्याशियों के व्यवहार और छवि देखकर अपने मत का प्रयोग किया है। उनकी सोच है कि वह पूरे गांव में समान रूप से विकास करवाएं।
पिछली बार 4 वोट से हारे, इस बार 222 से जीते
पिल्लूखेड़ा क्षेत्र के गांव आलनजोगी खेड़ा गांव में अमरनाथ 222 वोटों से जीतकर सरपंच बने हैं। हालांकि पिछली बार अमरनाथ केवल चार वोटों से सरपंच पद का चुनाव हार गए थे लेकिन इस बार सबसे ज्यादा 526 वोट लेकर चुनाव जीते हैं। आलनजोगी खेड़ा और तेलीखेड़ा गांव की संयुक्त पंचायत बनती है। आलनजोगी खेड़ा में कुल वोट 604 है और तेली खेड़ा गांव में 341 वोट है। इनमें से अमरनाथ को 526 वोट मिले। दूसरे उम्मीदवार राहुल को 304 वोट मिले जबकि तीसरे उम्मीदवार कुलदीप और जसबीर को मात्र एक-एक वोट मिला। इनके अलावा एक वोट नोटा को भी मिला।
3 वोट जीतकर बने बराह कलां के सरपंच
बराह कलां में सुरेश कुमार तीन वोटों से जीतकर गांव के सरपंच बने हैं। इस गांव में त्रिकोणीय मुकाबला था जिनमें सुरेश कुमार को 811 वोट मिले जबकि संदीप गौतम को कुल 808 वोट मिले उसके बाद तीसरे उम्मीदवार नरेंद्र को 632 वोट मिले। इस गांव में कुल वोट 2679 वोट थे, जिनमें 2254 वोट पोल हुए। सुरेश कुमार दसवीं पास है जबकि संदीप और नरेंद्र 12वीं पास है।
जलालपुर कलां में दसवीं पास ने हराया बीए पास
गांव जलालपुर कलां में भी दसवीं पास रामपाल जागलान ने बीए पास प्रदीप कुमार को 149 वोटों से करारी मात दी। जलालपुर कलां गांव में छह उम्मीदवार थे। इनमें प्रदीप कुमार बीए पास हैं जबकि अन्य सभी पांच उम्मीदवार रामपाल जागलान, अशोक, नरेश, शंकर दसवीं पास हैं। इनमें सत्यनारायण भी बीए पास तथा जेबीटी हैं। रामपाल जागलान ने प्रदीप को 149 वोटों से हराया। प्रदीप कुमार को 745 वोट मिले जबकि रामपाल जागलान को 894 वोट मिले। अशोक को 76, नरेश को 184, शंकर को 83 तथा सत्यनारायण को मात्र तीन वोट मिले।
पहले सर्वसम्मति से बनने पर एतराज, बाद में वोटों से मिली जीत
रूपगढ़ गांव में चुनाव से पहले इंजी. दीपक को ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से सरपंच चुन लिया था लेकिन कुछ लोगों ने सर्वसम्मति पर एतराज करते हुए सरपंच पद का चुनाव करवाने का फैसला लिया था। इस सरपंच चुनाव में इंजी. दीपक के अलावा बलराज सिंह, रोहताश ने भी नामांकन किया था जिनमें इंजी. दीपक को सबसे ज्यादा 1462 वोट मिले। रोहताश को 654 वोट मिले जबकि बलराज सिंह को 223 वोट मिले। विशेष बात यह रही कि 14 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया।
पिछली बार 500 से हारी थी, अब 508 से दर्ज की जीत
ढाठरथ गांव में सरपंच पद के चुनाव में पिछली बार नीलम को 500 वोटों से करारी हार मिली थी। इस बार उसने सभी प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए 508 वोटों से जीत दर्ज की। इस गांव में कुल 5562 वोट पोल हुए थे, जिसमें नीलम को 2200 वोट मिले। नवनीत कौर को 1692 वोट, पूनम को 942 वोट, बबीता को 465 वोट, रीना को 234 वोट, सोनिया को चार वोट मिले जबकि नोटा को पांच मिले।