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पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह के गांव में राहुल एक वोट से जीते

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गांव मोरखी में मतदान केंद्रों के बाहर लगी उम्मीदवारों व मतदाताओं की भीड़। - फोटो : Jind
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जींद। जिले में बुधवार को हुए पंच व सरपंचों का चुनाव छिटपुट घटनाओं के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। जिले में 80.4 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकारी का प्रयोग किया। पिछली बार पंचायती चुनावों में 78.7 प्रतिशत मतदान हुआ है। इस बार मतदाताओं ने ज्यादा उत्साह दिखाया है। अब गांव की चौधर ग्रामीणों के ही हाथ में आ गई है। उझाना ब्लॉक में सबसे अधिक 82.8 प्रतिशत मतदान हुआ।
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जिले में मतदान के लिए 835 बूथ बनाए गए थे। जिला परिषद व ब्लॉक समिति चुनावों में 882 बूथ बनाए गए थे लेकिन सरपंच व पंच चुनाव के लिए चार गांवों के बहिष्कार व 16 गांवों में सर्वसम्मति होने के कारण 835 बूथों पर मतदान हुआ। सबसे अधिक उझाना ब्लॉक में 82.8 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे कम जुलाना ब्लॉक में 73.4 प्रतिशत मतदान हुआ। जींद में 81.6, जुलाना में 82.4, नरवाना में 82.4, पिल्लूखेड़ा में 79.5, सफीदों में 81.8 तथा उचाना में 80.5 प्रतिशत मतदान हुआ। जिले में घिमाना गांव में फर्जी पोलिंग होने के आरोप लगे थे। यहां कुछ देर के लिए मतदान बाधित हुआ लेकिन उसके बाद बिल्कुल शांतिपूर्वक तरीके से मतदान संपन्न हुआ। देर रात को कुछ गांवों में सरपंचों के चुनाव परिणाम नहीं आ सके थे। जिले में शाम को कई गांवों में जश्न का माहौल रहा। जिले में 280 सरंपच पदों के लिए बुधवार को चुनाव करवाया गया जबकि 2176 पंचों के लिए भी चुनाव हुआ। गांव हसनपुर, संडील, बहबलपुर, हैबतपुर, हथवाला, कर्मगढ़, सुलहेड़ा, खरक गादियां, सिवाना माल नया, दरोली खेड़ा, सफा खेड़ी, उचाना खुर्द, सेढ़ा माजरा, गढ़ी, फरैण कलां तथा गोसाईखेड़ा में पहले ही सर्वसम्मति से सरपंच चुन लिए गए थे।
खांडा में टॉस से जीती ईजा देवी, बनी सरपंच
गांव खांडा में सरपंच पद को लेकर उस समय सभी हैरान हो गए जब सरपंच पद को लेकर दोनों प्रत्याशियों को एक समान मत मिले। सरपंच पद को लेकर गांव खंडा में प्रवीण देवी और इजा देवी के बीच मुकाबला था। दोनों प्रत्याशियों को 685-685 मत मिले। बाद में प्रशासन की तरफ से एडीसी साहिल व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। दोनों प्रत्याशियों को टॉस करने के लिए मनाया गया। ऐसे में जिला प्रशासन ने टॉस कर हार जीत करने का फैसला लिया। टॉस तीन बार किए गए। एक टॉस प्रवीण देवी के हक में आया तो दो बार टॉस इजा देवी ने जीते। प्रशासन द्वारा ईजा देवी को सरपंच घोषित किया गया।
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16 गांवों में सरपंच के लिए सर्वसम्मति बनने से नहीं हुए चुनाव
जिले में 46 बूथों पर मतदान नहीं हुआ। इसमें 16 गांवों में सर्वसम्मति बन चुकी है जबकि तीन गांवों भिड़ताना, रोजखेड़ा तथा चाबरी के लोगों द्वारा बहिष्कार किया हुआ है। हसनपुर के बूथ नंबर 21 एवं 21, चुहड़पुर के बूथ नंबर 42 एवं 43, संडील के बूथ नंबर 58, 59 एवं 60, बहबलपुर के बूथ नंबर 21 एवं 22, , हैबतपुर के बूथ नंबर 62, 63 एवं 64, गोसाई खेड़ा के बूथ नंबर 21 एवं 22, फतेहगढ़ के बूथ नंबर 62 एवं 63, फरैण कलां के बूथ नंबर 40 एवं 41,, सुलहेड़ा के बूथ नंबर 63, 64 एवं 65, कर्मगढ़ के बूथ नंबर 71, 72 एवं 73, खरक गादियां के बूथ नंबर नौ, पाजू खुर्द के बूथ नंबर सात एवं आठ, नया गांव सिवानामाल के बूथ नंबर 97, सफा खेड़ी के बूथ नंबर 22 एवं 23, उचाना खुर्द के बूथ नंबर 127, 128, 129, 130, 131 व 132, दरोली खेड़ा के बूथ नंबर 137 एवं 138 में मतदान नहीं हुआ।
बुड्ढाखेड़ा में तीसरी बार काउंटिंग में जीतीं कविता देवी
गांव बुड्ढाखेड़ा मे ग्रामीणों ने सफीदों-जींद मार्ग पर जाम लगा दिया। पूरा गांव बस स्टॉप पर स्कूल के पास आकर हुआ खड़ा हो गया। आरोप है कि मतगणना के दौरान प्रशासन ने पहले प्रत्याशी रेखा को 320 वोटों से जीता दिया और बाद में दूसरी बार गिनती में प्रत्याशी कविता को 270 मतों से जीता दिया। इससे दोनों प्रत्याशियों के पक्षधरों में तनाव उत्पन्न हो गया और काफी तादाद में ग्रामीण बुड्ढा खेड़ा गांव के बस स्टॉप पर आकर जमा हो गए और सफीदों जींद मार्ग को जाम कर दिया। हालांकि ग्रामीणों ने आधा घंटा जाम लगाकर जाम खोल दिया। तीसरी बार काउंटिंग में प्रत्याशी कविता 21 मतों से विजई घोषित हुई है। गांव बुड्ढा खेड़ा में सुरेश बैनिवाल रिटर्निंग अधिकारी खंड पिल्लूखेड़ा की अध्यक्षता में व बीडीपीओ शक्ति सिंह की अध्यक्षता में दोबारा सभी मतों की गिनती की की गई। इसमें कविता को 1073 और दूसरी प्रत्याशी को 1051 वोट मिली। कविता 22 वोटों से विजयी घोषित की गई। इसके बाद सभी ग्रामीण शांति पूर्वक अपने अपने घरों को चले गए।
पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह के गांव डूमरखां कलां में राहुल जीते एक वोट से
उचाना विधानसभा क्षेत्र के बड़े गांव डूमरखां कलां में बुधवार को सरपंच पद के लिए कांटे की टक्कर हुई। पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह के गांव में राहुल ने एक वोट से जीत हासिल की। गांव में आठ उम्मीदवार कृष्ण कुमार, गंगा बिशन, राजीव कुमार, राहुल, विक्रांत, शिव कुमार, सतपाल व सतीश चुनावी मैदान में थे। राहुल को कुल 815 वोट मिले जबकि राजीव श्योकंद को 814 वोट मिले। तीसरे नंबर पर कृष्ण कुमार को 612, सतपाल को 417, शिव कुमार को 367, गंगाबिशन को 205, सतीश वैद्य को 77 वोट मिले जबकि सबसे आखिर में विक्रांत को मात्र 6 वोट मिले।
जिले के सबसे बड़े गांव मुआना से डॉ. श्यालाल बने सरपंच
जींद के सबसे बड़े गांव मुआना में तीन प्रतिद्वंद्वियों को हराकर डॉ. श्यामलाल सरपंच बने हैं। मुआना गांव में लगभग 12 हजार मतदाता हैं। इस में सरपंच पद के लिए पुरुष वर्ग को आरक्षित किया गया था। इस गांव में आशा राम, प्रवीण कुमार, राज कुमार तथा श्याम लाल चुनाव लड़ रहे थे।
नरवाना ब्लॉक के सबसे बड़े गांव उझाना में सुनील कुमार बने सरपंच
उझाना गांव में अपने चार प्रतिद्वंद्वियों को हराकर सुनील कुमार सरपंच बने हैं। गांव से अजय कुमार, जय भगवान, बलिंदर, सुनील कुमार तथा सुनील शर्मा सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे।
ढाकल गांव में अनिल कुंडू ने सबसे पछाड़ा
ढाकल गांव में अनिल कुंडू ने अपने तीन प्रतिद्वंद्वियों को चुनाव में पछाड़ दिया। गांव से चार प्रत्याशी मैदान में थे। ढाकल से अनिल कुंडू, बलविंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह तथा संजीव कुमार चुनाव लड़ रहे थे। इस गांव में भी पुरुष वर्ग के लिए सामान्य जाति के लिए उम्मीदवारों ने ताल ठोक रखी थी। अनिल कुंडू ने बलविंद्र, वीरेंद्र सिंह तथा संजीव कुमार को पछाड़ दिया। उनका साइकिल इतनी तेज गति से चला कि इसमें कांच का गिलास, नारियल का पेड़ तथा हैंडपंप सब पीछे छूट गए।
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