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महिला उत्पीडन पर नाटक के माध्यम से की कारारी चोट

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नाटक से की महिलाओं के प्रति सोच उजागर
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अमर उजाला ब्यूरो
जींद। राजकीय महिला महाविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय नाट्य उत्सव के चौथे दिन ‘मारिया फरार’ नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से समाज में महिलाओं के प्रति सोच को उजागर किया गया। नाटक में दिखाया गया कि किस प्रकार एक किशोरी को लोगों द्वारा हवस का शिकार बनाया जाता है। इतना ही नहीं पुलिस द्वारा मारिया का शारीरिक शोषण किया जाता है।
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नाटक की कहनी एक दिव्यांग मारिया किशोरी के इर्द-गिर्द घूमती है। मारिया एक शराब खाने में काम करती है। जहां आए दिन लोग उसे परेशान करते हैं। एक दिन शराब खाने की मालकिन नहीं होती तो कुछ शराबी उसके साथ जबरदस्ती करते हैं बलात्कार करते हैं। शराब खाने का नौकर यह सब देखता है, लेकिन लोग उसे पैसे देकर चुप रहने को कहते हैं। इसके बाद मारिया बहुत परेशानी झेलती है। शराबखाने की मालकिन उस पर कोई रहम नहीं करती। नौकर को सबकुछ पता होने के बाद भी वह मारिया को दवा के नाम पर शराब देता है। इससे वह और अधिक बीमार हो जाती है। एक दिन शराबखाने की मालकिन मारिया को किसी के घर शराब देने के लिए भेजती है। गर्भवती होने के बावजूद घर का मालिक उसके साथ जबरदस्ती करता है। एक दिन मारिया मां बन गई। जैसे ही बच्चा पैदा होता है वह रोने लगता है। मारिया अकेली थी उसने इस बच्चे को अकेले जन्म दिया था। अबोध मारिया को कुछ भी पता नहीं था। वह चुप करवाने के लिए बच्चे मारने लगती है। जिससे की मौत हो जाती है। इस पर जब पुलिस आती है तो बच्चे को मारने का कारण पूछती है तो मारिया कुछ भी नहीं बता पाती। इस पर मारिया को पुलिस हिरासत में भी शारीरिक शोषण सहना पड़ता है। वह पुलिस इंस्पेक्टर से आंखों में आंखें डाल कर बात करती है। इंस्पेक्टर को यह बात अच्छी नहीं लगती और गुस्से में मारिया को गोली मार देता है। नाटक के माध्यम से समाज में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को दिखाया जाता है। कार्यक्रम में शहीद मेजर विनय चौधरी के पिता प्रोफेसर जिले सिंह मौजूद रहे।
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