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विधायक द्वारा किए शिलान्यास का पत्थर तोडने का मामला

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नपा में राजनीति गरमाई, नपा प्रधान और अधिकारी हुए आमने-सामने
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अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। सोमवार को शिव कॉलोनी में गंदे नाले को भूमिगत करने का शिलान्यास करने के महज ढाई घंटे बाद पत्थर तोड़ने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। मंगलवार को सफीदों नगर पालिका में इसे लेकर मामला गर्म रहा। नपा के प्रधान और अधिकारी इसे लेकर आमने सामने हो गए। जहां एक तरफ कॉलोनी वासियों ने विधायक के शिलान्यास पत्थर को चोरी करनेे के आरोप नगर पालिका प्रधान और धर्मगढ़ के सरपंच पर लगाए हैं, वहीं नगर पालिका प्रधान सेवाराम सैनी ने भी नगर पालिका के एक अधिकारी पर प्रोटोकॉल के खिलाफ जाकर विधायक से शिलान्यास करवाने के आरोप लगाए हैं।
मंगलवार को विधायक जसबीर देशवाल ने एएसपी अजीत सिंह शेखावत के साथ घटनास्थल का दौरा किया और दुकानदारों से मामले की जानकारी ली। इस मामले में पुलिस को दी शिकायत में शिव कॉलोनी निवासी साहिल व सुरेंद्र भारद्वाज सहित अन्य लोगों ने कहा कि विधायक ने सोमवार को शिव कालोनी में गंदे नाले के पुनर्निर्माण का शिलान्यास किया था। नपा प्रधान सेवाराम सैनी और धर्मगढ़ सरपंच अजीत पाल चट्ठा व अन्य ने शाम के समय उसे उखाड़ दिया। नगरपालिका सचिव पंकज जून ने भी मामले में एक शिकायत पुलिस को दी है। जिसमें उन्होंने सरकारी संपत्ति की तोड़फोड़ करने व पत्थर चोरी करने का मामला दर्ज करने की मांग की है। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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वहीं नगरपालिका के प्रधान सेवाराम सैनी ने पुलिस को शिकायत देकर कहा है कि नगरपालिका की मीटिंग में यह तय हुआ था कि इस परियोजना का शिलान्यास सांसद रमेश कौशिक से करवाया जाएगा। इसके खिलाफ जाकर नगरपालिका के कुछ अधिकारियों ने अपने स्तर पर ही विधायक जसबीर देशवाल से शिलान्यास करवाया दिया है।
विकास में डाली जा रही है बाधा
निरीक्षण करने पहुंचे विधायक जसबीर देशवाल ने कहा कि कुछ लोग शहर के विकास में बाधा डाल रहे हैं। ऐसे में शिलान्यास पत्थर तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नाले को भूमिगत करने की मांग दशकों पुरानी है। दो साल से इस काम को एनओसी की वजह से लटकाया गया और अब भूमिगत नाला निर्माण में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में शिलान्यास पत्थर तोड़ने को जायज मानने वाले लोग भी बराबर के दोषी हैं। उन्होंने कहा कि नपा सचिव ने ही शिलान्यास का कार्यक्रम तय कर उन्हें बुलाया था।
नगर परिषद की मीटिंग के खिलाफ है शिलान्यास
प्रधान सेवाराम सैनी का आरोप है कि नगर परिषद के कुछ अधिकारियों ने प्रोटोकॉल के खिलाफ जाकर गुपचुप तरीके से परियोजना का शिलान्यास करवाया। नगर परिषद ने इसके लिए सांसद रमेश कौशिक को बुलाने की योजना बनाई थी। इसकी चेयरमैन और पार्षदों को सूचना नहीं थी। मैं पत्थर तोड़ने को सही मानता हूं, लेकिन मैंने पत्थर नहीं तोड़ा है।
इस मामले में धर्मगढ़ सरपंच अजीत पाल चट्ठा ने कहा कि उनका शहरी विकास कार्यों से कोई लेना-देना नहीं है। उन पर तो एक राजनीति के तहत आरोप लगाए जा रहें है। उस पर लगे आरोप निराधार है। वे तो उस समय गाड़ी से निकल रहे थे।
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एएसपी अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि मामले में तीन शिकायतें मिली हैं। फिलहाल अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल का निरीक्षण करके सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की तलाश में है। घटना में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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