मर्यादा भूलीं जिप चेयरपर्सन बोलीं, डीसी को मारूंगी पत्थर, शीशे तोड़ूंगी
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। जिला परिषद की चेयरपर्सन पदमा सिंगला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चल रही खींचतान बुधवार को समाप्त हो गई। जिला परिषद के 26 में से 22 पार्षद सदन में मौजूद रहे। इनमें से 19 ने मतदान किया है। हालांकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मतदान के परिणाम पर रोक लगा रखी है, लेकिन पार्षदों से मिले फीडबैक से साफ है कि इस मतदान के आधार पर पदमा सिंगला की कुर्सी जा सकती है।
हालांकि पदमा सिंगला का दावा है कि 19 में से तीन पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया है। ऐसे में उनके खिलाफ 16 मत पड़े हैं, जबकि उनको हटाने के लिए 18 मत होने चाहिए। इस दौरान तैश में आकर चेयरपर्सन पदमा सिंगला अपने पद की गरिमा भी भूल गईं और डीसी अमित खत्री पर निशाना साधते हुए यहां तक कहा दिया कि अदालत का फैसला आने के बाद मैं, हलके के लोगों को साथ लेकर आऊंगी और डीसी को पत्थर मारूंगी, शीशे तोड़ूंगी। पदमा सिंगला ने इस दौरान डीसी पर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह और उनकी विधायक पत्नी प्रेमलता के इशारे पर उनके खिलाफ साजिश रचने के भी आरोप लगाए। इस मामले में 25 अक्तूबर को अदालत में सुनवाई होनी है।
मतदान के बाद अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पदमा सिंगला ने कहा कि वे हलके के लोगों को साथ लेकर डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन कर डीसी के खिलाफ नारेबाजी करेंगी। इतना ही नहीं वह डीसी को पत्थर मारेंगी और उनके कार्यालय के शीशे भी तोड़ेंगी। केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह तथा उनकी पत्नी उचाना की विधायक प्रेमलता पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके इशारे पर ही यह सब काम हो रहा है। डीसी का रिमोट केंद्रीय मंत्री व उनकी पत्नी विधायक प्रेमलता के हाथ में है।
चार सितंबर को गिर चुका है अविश्वास प्रस्ताव
पदमा सिंगला ने कहा कि विरोधी गुट द्वारा उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव चार सितंबर को ही गिर गया था। उन्होंने कहा कि चार सितंबर को विरोधी गुट के पार्षद वोटिंग के लिए नहीं पहुंचे थे। चार सितंबर को भी प्रशासन ने केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह मीटिंग स्थगित की थी।
अदालत में विचाराधीन है मामला
गौरतलब है कि विरोधी पार्षदों ने 16 अगस्त को डीसी को अविश्वास प्रस्ताव के शपथ पत्र दिए थे। इसके बाद चार सितंबर की तारीख मीटिंग के लिए तय की गई। इस दौरान प्रशासन ने मीटिंग को रद्द कर दिया। पदमा सिंगला का कहना है कि विरोधी पार्षदों के नहीं आने के बाद प्रशासन ने ऐसा किया है। इस मामले में पदमा सिंगला ने अविश्वास प्रस्ताव गिरने का तर्क देते हुए अदालत में याचिका दायर की है। इस पर अब 25 अक्तूबर को सुनवाई होनी है। अदालत ने आदेश दिया है कि इस मामले में चार अक्तूबर को चुनाव तो करवाया जा सकता है, लेकिन परिणाम सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। ऐसे में अब पदमा सिंगला की किस्मत मतपेटी में बंद हो गई है।
विधायक ने करवाई पार्षदों की खरीद-फरोख्त
इस दौरान पदमा सिंगला ने आरोप लगाया कि विधायक प्रेमलता ने खुद एक-एक पार्षद के घर जाकर संपर्क किया है। पार्षदों की खरीद-फरोख्त की है। उनके साथ मंगलवार तक दस पार्षद थे, लेकिन सरकार में अपने प्रभाव का प्रयोग कर विधायक ने तीन पार्षदों का पाला बदल दिया। उन्होंने दावा किया कि इन तीनों पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया है।
मीटिंग में जाने से पहले पार्षदों की ली गई तलाशी, पेन व घड़ी तक बाहर रखवाई
अविश्वास प्रस्ताव के दौरान प्रशासन ने मीटिंग में जाने वाले पार्षदों की कड़ी तलाशी ली। इस दौरान महिला पार्षदों की भी तलाशी ली गई। पार्षदों के मोबाइल फोन के अलावा पेन व घड़ी तक को बाहर रखवा दिया गया। यहां तक कि महिला पार्षदों के पर्स भी बाहर रखवा दिए। इस दौरान सभी पार्षदों को पहचान पत्र देखकर ही एंट्री करवाई गई, लेकिन जिला परिषद की चेयरपर्सन पदमा सिंगला अपना पहचान पत्र नहीं दिखा सकीं, हालंाकि उन्हें एंट्री मिल गई।
चार पार्षद रहे अनुपस्थित, चेयरपर्सन सहित तीन पार्षदों ने नहीं किया मतदान
जिला परिषद के वार्ड नंबर छह के मोनू, वार्ड नंबर 16 के अमित, वार्ड नंबर 23 की कोमल तथा वार्ड नंबर 26 से पार्षद रीना अनुपस्थित रहे। वहीं मतदान के दौरान चेयरपर्सन पदमा सिंगला, विनोद सैनी व सतीश पहलवान ने अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। पदमा सिंगला के साथ यही सात पार्षद माने जा रहे हैं।
जिला परिषद की चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर आज हुए मतदान को पूरी तरह से पारदर्शिता बरती गई। जिला परिषद के डिप्टी सीईओ महेंद्र सिंह लक्खा, नगराधीश सत्यवान सिंह मान चुनाव प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहे। मतदान बैलट पेपर से हुआ। अदालत के आदेश के अनुसार मतदान के बाद मतपत्र पेटी को सभी पार्षदों की उपस्थिति में सील करवाया गया। जिस पर प्रधान पदमा सिंगला ने अपने हस्ताक्षर भी किए हैं। अब अदालत का निर्णय आने के बाद ही मतों की गिनती व परिणाम घोषित करवाया जाएगा। चेयरपर्सन पदमा सिंगला ने मेरे ऊपर पथराव की बात कही है तो मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। उन्हें अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए।
अमित खत्री, डीसी जींद
वार्ड में नहीं दी एक भी पैसे की ग्रांट
पदमा सिंगला ने पिछले ढाई साल से भेदभाव की राजनीति की है। मेरे वार्ड में आज तक एक भी पैसे की ग्रांट जारी नहीं की गई है। इसलिए खुलकर चुनाव में पदमा सिंगला का विरोध किया है।
सतपाल संगतपुर, उर्फ सत्तु ढांडा, पार्षद वार्ड नंबर 14
एकता की होगी जीत
सभी पार्षद चेयरपर्सन पदमा सिंगला की कार्यप्रणाली से नाराज हैं। वार्डों को दी गई ग्रांट में भारी भेदभाव हुआ है। इसके चलते ही अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। मतदान का परिणाम आते ही पार्षदों की एकता साबित हो जाएगी।
विकास बूराडहैर, जिला पार्षद।