मृत गोवंश को दफनाने के लिए लेकर पहुंचे डीसी कार्यालय
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। गो सेवा दल के सदस्य मंगलवार को मृत गो वंशों को लेकर डीसी कार्यालय पहुंच गए। मरने वाले चार गो वंशों में एक बैल, एक गाय और दो बछड़ियां शामिल थीं। गो सेवा दल के सदस्य राकेश ने कहा कि सड़क दुर्घटना में चार गो वंश मारे गए, मगर प्रशासन उनको दफनाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। राकेश के अनुसार मृत गोवंश को उठाने के लिए नगर परिषद के अधिकारी ने गो सेवा दल के सदस्यों के पास फोन किया। जब उन्होंने गो वंशों को उठाने के लिए जेसीबी की मदद मांगी तो नगर परिषद के अधिकारी आनाकानी करने लगे। पहले फोन किया तो अधिकारी ने मीटिंग में व्यस्त होने की बात कहकर टाल दिया। उसके बाद अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया। नगर परिषद के अधिकारियों की बेरुखी के कारण गो सेवा दल के सदस्य मृत गो वंशों को लेकर डीसी कार्यालय पहुंचे। गो सेवा दल के सदस्यों ने डीसी को शिकायत देते हुए कहा कि मृत गो वंशों को सड़क से उठाने का जिम्मा नगर परिषद का है। सुबह नगर परिषद के अधिकारी का उनके पास फोन आया कि पटियाला चौक और बीड़ा बड़ावन में गो वंश मरे पड़े हैं। सड़क से मृत गो वंशों को उठाने के लिए गो सेवा दल की मदद मांगी। गो वंशों को उठाने के लिए जब गो सेवा दल के सदस्यों ने जेसीबी की मदद मांगी तो नगर परिषद के अधिकारियों ने मदद नहीं की। इसके चलते गो सेवा दल के सदस्य मृत गो वंशों को लेकर डीसी कार्यालय पहुंच गए।
राकेश ने कहा कि एक तरफ तो सरकार गो वंशों को नंदीशाला में अच्छी सुविधा देने का दावा करती है, दूसरी ओर जब गो सेवा दल के सदस्यों ने जयंती देवी मंदिर के सामने स्थित नंदीशाला में खड़ी जेसीबी की मदद मांगी तो उसकी मदद नहीं दी। डीसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। जिसके बाद बीड़ बड़ावन में जेसीबी की मदद से गो वंशों को दफनाया गया। इस अवसर पर राकेश, अंकित, सुमित, विशाल व मंदीप मौजूद रहे।
गो सेवा दल के लोग मरी हुई गायों को दफनाने के लिए जेसीबी तलाश रहे थे, लेकिन उन्हें मिल नहीं रही थी। जैसे ही यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आया, नगर परिषद के स्वच्छता निरीक्षक को जेसीबी मुहैया करवाने के लिए बोल दिया गया। नगर परिषद के स्टाफ ने साथ जाकर गायों को दफनाया है।
विरेंद्र सहरावत, एसडीएम।