अमर उजाला ब्यूरो
जींद। लैब रिपोर्ट पर एमबीबीएस डॉक्टर के काउंटर साइन करवाने की सरकार की नई नीति के विरोध में जिले के 200 से अधिक निजी लैब मंगलवार को बंद रहे। निजी लैब संचालकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान करते हुए मंगलवार को लघु सचिवालय के बाहर धरना देकर रोष जताया। इन लोगों ने सरकार से मांग की कि नई शर्त को हटाया जाए।
निजी लैब संचालकों ने लघु सचिवालय के बाहर मंगलवार को धरना दिया। हरियाणा मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नीशियन वेलफेयर एसोसिएशन (हैमलटा) के अध्यक्ष रमेश अहलावत व डॉ. संजीव सिंगला ने बताया कि सरकार के इस फैसले से लैब संचालकों ने आज प्रदेश भर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ रोष जताया है। लैब संचालक कई बार सरकार से लेबोरेट्री संचालन के लिए अलग से कौंसिल बनाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन सरकार से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। जिसके चलते मंगलवार को प्रदेश के लैब संचालकों ने धरना दिया। इस अवसर पर जिला जींद लैब एसोसिएशन के प्रधान गुरविंद्र सिंह ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर लैब संचालक पंचकूला कूच करेंगे व यह धरना तब तक समाप्त नहीं करेंगे जब तक डीएमएलटी को उनके अधिकार वापस नहीं मिल जाते। इस अवसर पर गुरवींद्र सिंह, अमित सिंह, सुभाष, वीरेंद्र, सुरेंद्र रोहिला, संजय कुमार व रमेश कुमार मौजूद रहे।
मरीजों को उठानी पड़ी परेशानी
गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों में टेस्ट की अधिक सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों को निजी लैब में ही टेस्ट करवाने पड़ते हैं। इसमें कैल्शियम, संपूर्ण लिक्विड प्रोफाइल, थायरायड, विटामिन डी व ऑपरेशन के बाद के तमाम टेस्ट निजी लैब से ही करवाने पड़ते हैं। इसके लिए मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। इसके चलते नागरिक अस्पताल की लैबोरेटरी में मंगलवार को अन्य दिनों के मुकाबले करीब 20 प्रतिशत अधिक टेस्ट हुए।