अमन कौशिक
जींद। किसान संगठनों द्वारा किए गए गांव बंद के आह्वान के चलते हालांकि जींद की सब्जी मंडी में सब्जियों की आवक पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है, लेकिन किसान से सब्जी खरीद कर ग्राहकों को बेचने वाले बिचौलिये इसकी आड़ में मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। पिछले चार दिन में किसान को सब्जी की कीमत में महज एक से दो रुपये प्रति किलोग्राम की ही वृद्धि हुई है, लेकिन ग्राहक को यही सब्जी दस रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी मिल रही है।
गौरतलब है कि किसान पिछले चार दिन से फसलों के जायज दाम के लिए हड़ताल पर हैं। किसानों की कुल चार मांगें हैं। इसमें वे डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, फसलों के लाभकारी मूल्य दिलाने, किसानों को कर्ज मुक्त करने और फसल की खरीद को आसान बनाने जैसी मांगें शामिल हैं। किसानों के आंदोलन के चलते जींद की सब्जी मंडी में सोमवार को पहले के मुकाबले कम सब्जी पहुंची। किसानों का कहना है कि बिचौलिये सब्जियों का उचित दाम किसानों को नहीं देते। इससे किसानों ने मंडियों में अपनी सब्जी नहीं बेचने का फैसला किया। सोमवार को किसानों ने अपनी सब्जियां अमरेहड़ी पुल पर बेची। किसानों ने मांग की कि सरकार किसान की सब्जियों का उचित मूल्य दे। किसान अपनी रोजी-रोटी के लिए फसलों पर ही निर्भर रहता है। चार दिन से चल रही हड़ताल से किसानों की सब्जियों के दाम में एक या दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से बढ़ोतरी कर बिचौलिये को देने को मजबूर हुए। इसका सीधा-सीधा असर ग्राहक पर पड़ा है। ग्राहक को सब्जियों के दाम एक से अढ़ाई गुणा देने पड़ रहे हैं। किसानों को कहना है कि आढ़ती को सब्जी मंडियों से हटाया जाए, जिससेे किसान अपनी सब्जियों को मंडियों में सीधे बेच सकें। आरोप है कि मंडी में व्यापारी किसानों से सस्ते दामों पर सब्जियां खरीदकर मांसाखोरों को सब्जियां बेचनेे को देते हैं। मांसाखोरों से सब्जियों का आठ प्रतिशत ज्यादा दाम लेते हैं। इसके बाद सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं।
हड़ताल का नहीं असर
सब्जी मंडी में हड़ताल का खास असर आपूर्ति पर नहीं है। मंडी में पहले की तरह ही सब्जी सामान्य तौर पर आ रही है। पर्याप्त मात्रा में सब्जी मंडी में पहुंच रही है।
-सत्यनारायण, आढ़ती।
सब्जियों के दाम छू रहे आसमान
चार दिन से सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में आम आदमी का दिनचर्या में काम आने वाली सब्जियों को खरीदना मुश्किल हो रहा है। पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी के बाद अब सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी ने आम आदमी की कमर तोड़ कर दी है।
-हरीश कुमार, ग्राहक।
सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी का ब्यौरा
दो जून
सब्जी किसान को मिला रेट उपभोक्ता को मिला रेट
तोरी 06 15
घीया 12 20
बैगन 08 15-20
शिमला मिर्च 06-08 18-20
खीरा 07 15
करेला 5 15-20
टमाटर 2-3 10-15
गोभी 10 20-25
भिंडी 13 30
बॉक्स
तीन जून
सब्जी किसान का रेट ग्राहक का रेट
घीया 11 20-25
भिंड़ी 11 20-25
तोरी 08 15-18
खीरा 10 20
शिमला मिर्च 08 20
टमाटर 02-03 10-15
करेला 07 20
गोभी 10 20-25
बॉक्स
चार जून
सब्जी किसान के रेट ग्राहक के रेट
खीरा 12 25
भिंडी 17 35
करेला 12 25
घीया 16 25-30
तोरी 10 25
बैंगन 10 20
टमाटर 06 20
भाकियू ने सब्जी ला रहे किसानों को नहर पुल पर रोका, पुलिस पहुंची
सुबह करीब छह बजे भाकियू नेता रामफल कंडेला ने सब्जी ला रहे किसानों को अमरहेड़ी नहर पुल पर रोक कर उन्हें मांगों के बारे में बताया। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि किसानों को जबरन रोका जा रहा है। ऐसे में पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन यहां किसान यूनियन के नेता सिर्फ किसानों से बातचीत कर रहे थे। कुछ किसानों ने नहर पुल पर ही सब्जियां रख कर बेची। यहां रामफल ने कहा कि जब तक किसान की सब्जियों का उचित मूल्य नहीं मिलता तब तक किसान अपनी सब्जियां मंडियों में नहीं लाएंगे। किसान अपनी सब्जियों को नहर पर ही बेंचेगे। जिसको जरूरत हो वह गांव से सब्जियां लेकर जाए। हम अपनी सब्जियों का उचित दाम चाहते हैं।
मिल्क प्लांट में पुलिसिया साये पहुंचा दूध
दूसरी ओर दुग्ध समितियों के संचालकों की हड़ताल जारी है। इसके चलते जींद मिल्क प्लांट में महज दो हजार लीटर दूध ही पहुंच सका। सीईओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि समितियों के डर से ट्रांसपोर्टर दूध नहीं ला रहे हैं। सोमवार को फतेहाबाद से पुलिस सुरक्षा में दूध आया है।