अमर उजाला ब्यूरो
जींद। ई-प्रणाली में संसाधनों के अभाव और ग्राम सचिवों को बहाल करने की मांग को लेकर सोमवार को तीसरे दिन भी सरपंच एवं ग्राम सचिवों का धरना बीडीपीओ कार्यालय पर जींद, जुलाना, सफीदों, नरवाना, उचाना व अलेवा में जारी रहा। धरनों पर कांग्रेसी नेताओं के साथ-साथ कर्मचारी संगठनों ने पहुंच कर अपना समर्थन दिया।
यहां जींद सरपंच एसोसिएशन के प्रधान संदीप अहलावत ने कहा कि हम ई-प्रणाली का विरोध नहीं करते। ई-प्रणाली लागू करनी है तो हमें संसाधान दो। भाजपा नेताओं को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा। बैनर लगाकर पंचायत उनका विरोध करेगी। पंचायत ई प्रणाली का प्रयोग तो वर्ष 2012 से कर रहे हैं। प्रदेश में 60212 पंचायतें एवं 1633 ग्राम सचिव हैं। ग्राम सचिवों के पास लैपटॉप तक नहीं हैं। पंचायत एवं ग्राम सचिवों का काम जो अटल सेवा केंद्रों के वीएलए कर रहे हैं, उन्हें मात्र दो हजार रुपये दिए जाते हैं, जो करीब एक वर्ष से भी उन्हें नहीं मिले हैं। पंचायत का अधिकतर काम हिंदी में जो वीएलए को हिंदी टाइप आती नहीं है। ऐसे में ई-प्रणाली कैसे संभव है। धरने पर सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान रामफल दलाल, कांग्रेस नेता सुरेश गोयत, जगबीर ढिगाना, किसान सभा के फूल सिंह श्योकंद, सीपीआईएम राजेश् चंद्र, आजाद सिंह, जिला परिषद के वाइस चेयरमैन उमेद सिंह, जिला पार्षद दिनेश डाहौल, सतपाल उर्फ सत्तू भी पहुंचे और अपना समर्थन दिया। इसी प्रकार जुलाना में कांग्रेस प्रत्याशी रहे प्रो. धर्मेंद्र सिंह ढुल, राजेश गोयत, कृष्णस मलिक, किताब सिंह, कुलदीप, रवि राणा, अजय लाठर, हरिओम, प्रदीप जांगड़ा, राजपाल ने समर्थन दिया। सफीदों, नरवाना, उचाना व अलेवा में कांग्रेसी नेता व अन्य कर्मचारी संगठनों के लोग धरने पर पहुंचे और अपना समर्थन दिया। वहीं पिल्लूखेड़ा में इनेलो जिला प्रधान कृष्ण राठी ने पहुंचकर सरपंचों को अपना समर्थन दिया।