अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नागरिक अस्पताल में दाखिल मरीजों से दस रुपये की बजाय 100-100 रुपये वसूलने का मामला प्रकाश में आया है। अस्पताल के द्वितीय तल पर दाखिल मरीजों ने इसका विरोध करते हुए इस मामले की जांच की मांग की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस मामले की जांच के लिए मेडिकल सुप्रीटेंडेंट को कहा है। मेडिकल सुप्रीटेंडेंट बुधवार को इस मामले की जांच करेंगे।
गांव गढ़वाली खेड़ा निवासी विनोद का लड़का नागरिक अस्पताल में दाखिल है। सोमवार को विनोद अपने लड़के को नागरिक अस्पताल में लेकर आया। चिकित्सकों ने उसकी हालत को देखते हुए उसे अस्पताल में दाखिल करने की सलाह दी। विनोद ने अपने बेटे को नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया। नागरिक अस्पताल में दाखिल मरीजों से प्रतिदिन दस रुपये चार्ज लिया जाता है। विनोद ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस स्टाफ नर्स ने उसके बेटे की दाखिला फाइल बनाई, उसने 100 रुपये चार्ज लिया। बाद में उसने रजिस्टर में देखा तो वहां दस रुपये लिखा हुआ था। इसी प्रकार रोहतक रोड निवासी रीना ने भी ऐसे ही आरोप स्टाफ नर्स पर लगाए हैं। रीना ने कहा कि उसका बीपीएल कार्ड है। उसकी लड़की को बीमारी के कारण नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। बीपीएल कार्ड धारक की नागरिक अस्पताल में कोई फीस नहीं लगती लेकिन वहां तैनात स्टाफ नर्स ने उससे 90 रुपये ले लिए। रीना ने कहा कि इसी प्रकार कई अन्य मरीजों से भी 100-100 रुपये लिए गए हैं। दो-तीन मरीजों ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उनसे भी नववर्ष के मौके पर 100-100 रुपये लिए गए हैं।
मामले की करवाई जाएगी जांच
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय दहिया ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। कई बार नागरिक अस्पताल में दाखिल मरीजों से एडवांस में 100 रुपये ले लिए जाते हैं। जब वे छुट्टी करके जाते हैं, उनका हिसाब करके उनको पैसे वापस दे दिए जाते हैं। हर रोज दस-दस रुपये नहीं मांगे जाते। फिर उन्होंने इस मामले की जांच के लिए एमएस डॉ. गोपाल की ड्यूटी लगा दी है। वे स्टाफ नर्स व अन्य मरीजों से बातचीत करके जांच करें। इस मामले में यदि स्टाफ नर्स दोषी पाई गई तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।