अधिकारी नहीं पहुंचे तो भड़के मंत्री, बोले : मेरी मीटिंग में अधिकारी ही नहीं पहुंचे तो किस बात की मीटिंग
गोद लिए गांव खटकड़ और मांडी कलां के विकास को लेकर केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने ली अधिकारियों की मीटिंग
--कई विभागों के कर्मचारी नहीं पहुंचे, केंद्रीय मंत्री ने जताई नाराजगी
--मीटिंग में ही अधिकारियों को बुलाया
--स्कूलों में विज्ञान और गणित के शिक्षकों की कमी पर डीईओ से मांगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह द्वारा गोद लिए गए गांवों खटकड़ और मांडी कलां के विकास कार्यों को जायजा लेने के लिए सोमवार को अधिकारियों के साथ मीटिंग की। लेकिन इस दौरान कई अधिकार मीटिंग से नदारद रहे। जिस पर केंद्रीय मंत्री ने नाराजगी जताई। इस दौरान चौधरी बीरेंद्र सिंह ने डीसी को आदेश दिए कि इन अधिकारियों को तुरंत मीटिंग में बुलाया जाए। जिसके बाद मीटिंग के बीच में ही अनुपस्थित अधिकारियों को बुलाया गया। चौधरी बीरेंद्र सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मेरी मीटिंग में अधिकारी ही मौजूद नहीं हैं तो किस बात की मीटिंग बुलाई गई है। इस दौरान डीसी अमित खत्री और एडीसी धीरेंद्र खडगटा को कहा कि आगे से मीटिंग में सभी अधिकारियों का पहुंचना सुनिश्चित करें।
इस दौरान चौधरी बीरेंद्र सिंह ने सांसद और विधायकों द्वारा गोद लिए सभी 13 गांवों में विकास कार्य तेजी करवाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा न हो कि वह किसी गोद लिए गांव में जाएं और वहां लोग उनसे कोई विकास संबंधित सवाल करें। मीटिंग में खटकड़ गांव में पेयजल की समस्या का मुद्दा मुख्य तौर पर उठा, इस पर सवाल करने पर अधिकारियों ने कहा कि यह मामला नरवाना में जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन के अधीन आता है, लेकिन वह मीटिंग में मौजूद नहीं थे। इस पर चौधरी बीरेंद्र सिंह ने सख्त लहजे में कहा, मीटिंग में उनको आना चाहिए था। इस पर जनस्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों ने कहा कि गांव में करीब 500 घरों में पेयजल के कनेक्शन किए जा चुके हैं। जल्द पूरे गांव में कनेक्शन हो जाएंगे।
पेंशन रिपोर्ट मांगी
मीटिंग के दौरान चौधरी बीरेंद्र सिंह ने जिला समाज कल्याण अधिकारी से पूछा कि क्या मांडी कलां और खटकड़ गांवों में सभी पात्र लोगों की पेंशन बनी हुई है। इस पर जिला समाज कल्याण अधिकारी ने कहा कि सभी पात्र लोगों की पेंशन बन गई है। जिनकी पेंशन कटी थी उनकी भी पेंशन बना दी गई है। चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि देख लेना कहीं मैं गांव में जाऊं और बुजुर्ग वहां लाइन लगाकर खड़े हो जाएं।
कई अधिकारी रहे नदारद
जब कुछ अधिकारी मीटिंग में नहीं मिले तो केंद्रीय मंत्री ने एक-एक विभाग का नाम लेकर पुकारा। इस दौरान कृषि विभाग, शिक्षा, खेल विभाग, एक्सईएन पब्लिक हेल्थ नरवाना, एलडीएम सहित कई अधिकारी मीटिंग से नदारद मिले। बाद में एक्सईएन पब्लिक हेल्थ नरवाना को छोड़कर सभी अधिकारी मीटिंग में पहुंच गए। इसके बार केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों से कोई सवाल जवाब नहीं किया।
108 गांवों में मिलेगा लोन
केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि जिला में 108 गांव दस हजार या इससे अधिक की आबादी के हैं। अधिकारी यहां समूह बनाकर ऋण देें, और लोगों को रोजगार मुहैया करवाना सुनिश्चित करें। इन गांवों की तमाम समस्याओं का सर्वे करवाने के आदेश भी मीटिंग में दिए।
बागवानी विभाग को लगाई फटकार
मीटिंग में केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने पूछा कि किसानों के कितने समूह बनाए हैं। जवाब मिला कि तीन। पूछने पर इनकी जानकारी अधिकारी नहीं बता पाए। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कम से कम दस समूह होने चाहिए। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि इन समूहों की विस्तृत जानकारी भिजवा दी जाएगी।
खटकड़ में होगी एतिहासिक पृष्ठ भूमि तैयार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गांव की एतिहासिक पृष्ठ भूमि तैयार की जानी चाहिए। इसमें उस गांव से जुड़ी सभी जानकारी संजोई जाए। गांव के ऐसे व्यक्ति जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने, खेलों, उद्योग, व्यापार या अन्य गतिविधियों में गांव का नाम रोशन किया है, उनसे जुड़ी जानकारी तैयार की जाएं। गांव साल में एक दिन अपनी स्थापना का दिन बनाये, इसमें विशेषकर गांव से बाहर रहने वाले उद्यमियों, उच्च पदों पर आसीन रहे लोगों को आमंत्रित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदर्श गांव में प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य कार्ड बनाया जाऐ, कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित नहीं रहे, बच्चे ड्रापआउट नहीं हो, प्रत्येक पात्र व्यक्ति का बीपीएल कार्ड बने और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध हों।
टीचराें की कमी, नहीं आ रहे बच्चे
मीटिंग में खटकड़ और मांडीकलां गांवों के स्कूलों में गणित और विज्ञान के शिक्षकों की कमी का मामला भी सामने आया। इस पर देरी से पहुंची जिला शिक्षा अधिकारी से जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि विज्ञान और गणित के बच्चे ही नहीं हैं। तो केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब स्कूल में शिक्षक ही नहीं हैं तो बच्चे कैसे आएंगे। जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश दिए कि उन्होंने शिक्षकों की नियुक्ति के लिए क्या प्रयास किए, इसकी रिपोर्ट भेजें।
मंत्री देंगे एम्बुलेंस
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध करवाएंगे। यह एम्बुलेंस मांडी कलां गांव में तैनात होगी। एम्बुलेंस के लिए राशि सांसद निधि कोष से उपलब्ध करवाई जाएगी।
27जेएनडी01: मीटिंग में अधिकारियों को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह।
27जेएनडी02: मीटिंग में मौजूद अधिकारी।