रानी पद्मावती का गलत चित्रण : आर्य
अमर उजाला ब्यूरो
सफीदों। रानी पद्मावती फिल्म विवाद में राजपूत समाज अकेला नहीं है, बल्कि वे स्वयं और सर्व समाज उनके साथ है। यह बात प्रदेश के पूर्व मंत्री बचन सिंह आर्य ने उपमंडल के गांव मुआना में राजपूत समाज के लोगों से मुलाकात के दौरान कही। इस मौके पर राजपूत समाज के लोगों ने पूर्व मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा।
पूर्व मंत्री ने कहा कि रानी पद्मावती केवल राजपूत समाज के लिए नहीं बल्कि सर्व समाज के लिए त्याग, तपस्या और बलिदान की प्रेरणा स्त्रोत रही हैं। फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली द्वारा उनके सुंदर जीवन चरित्र को गलत तरीके से चित्रित कर रहे है। रानी पद्मावती ने स्त्रियों के सम्मान की रक्षा के लिए स्वयं और चित्तौड़ की संपूर्ण महिलाओं के साथ जौहर करते हुए एक विशाल अग्निकुंड में न्यौछावर कर दिया था। आज भी चित्तौड़ की महिलाओं की जौहर करने की बात को लोग गर्व से याद करते हैं। ऐसी रानी के बलिदान के स्वर्ण जड़ित इतिहास को फिल्म निर्माता द्वारा रोड़-मरोड़कर पेश करना संपूर्ण समाज के लिए बहुत बड़ा खतरा है। इस मौके पर मुख्य रूप से मार्केट कमेटी के चेयरमैन विक्रम राणा, मुआना गांव के सरपंच सुखबीर राणा, सिंघाना गांव के सरपंच सुरेंद्र राणा, कोऑपरेटिव बैंक मुआना के चेयरमैन विजेंद्र राणा, लोकेश राणा, नन्हा सिंह राणा, काला राणा, ओमप्रकाश राणा और सुंदर राणा मौजूद रहे।
27जेएनडी 13 : राजपूत समाज के लोगों के साथ पूर्व मंत्री बचन ङ्क्षसह आर्य।