मुआवजा बढ़ाने के लिए किसानों का सरकार को अल्टीमेटम
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। नेशनल हाईवे पर जींद बाईपास की जमीन के लिए अधिग्रहित जमीन के लिए उचित मुआवजे की मांग कर रहे चार गांवों के किसानों ने अब सरकार को 24 नवंबर तक अल्टीमेटम दिया है। किसानों का कहना है कि यदि 24 नवंबर तक प्रति एकड़ 88 लाख रुपये मुआवजा नहीं दिया तो किसान प्रदेश के किसी बड़े राजमार्ग को जाम कर देंगे।
वहीं भारतीय किसान संघ जींद द्वारा चल रहे धरने के 41वें दिन रविवार को भी किसानों ने सामूहिक रूप से असरफगढ़ गांव की अधिग्रहीत भूमि पर कब्जा करके गेहूं की बिजाई की गई। संघर्ष समिति के अध्यक्ष गुरदेव सिंह संधु ने कहा कि यदि शीघ्र ही सरकार किसानों को हैबतपुर के बराबर 88लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। यदि सरकार मुआवजा नहीं बढ़ाती है तो किसान अपनी भूमि की डोल बंदी करके पूर्ण रूप से कब्जा कर लेंगे। यहां नियमित रूप से खेती शुरू कर दी जाएगी। किसान राजकुमार ने कहा कि सोनीपत में मीटिंग के दौरान इस मामले पर योजना बनाई जा रहे है। किसान संघ जो भी फैसला लेगा, इसके बाद आंदोलन को तेज किया जाएगा। किसान संघ के संगठन मंत्री सुंदर लाल ने कहा कि यदि ट्रेक्टर को वाणिजियक व्यवसायिक वाहन की श्रेणी में लाने का प्रयास किया तो भारतीय किसान संघ आंदोलन करेगा।