अमर उजाला ब्यूरो
जुलाना।
वार्ड सात निवासी अजमेर सैनी ने दो महिलाओं सहित तीनों लोगों पर साढ़े तीन लाख रुपये के एवज में करीब 68 लाख रुपये और आधा एकड़ खेती की जमीन, 100 गज का मकान और प्लाट और 50 गज का मकान हड़पने का आरोप लगाया है। आरोप है कि अब भी धोखाधड़ी करने वाले तीनों लोग 13 लाख 50 हजार रुपये उससे मांग रहे हैं। अजमेर का कहना है कि उसने इसकी शिकायत एसएसपी कार्यालय से लेकर सीएम विंडों में भी की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
अजमेर का आरोप है कि उसकी मां दो और महिलाओं के साथ एक व्यक्ति के यहां सिलाई का काम करती थी। वर्ष 2006 में अजमेर की मां की मौत हो गई। इसके बाद दोनों महिलाओं और एक अन्य आरोपी ने उसको बताया कि उसकी मां ने उसने 35 हजार रुपये लिए थे जो अब 65 हजार रुपये ब्याज समेत बन गए है। अजमेर ने 65 हजार रुपये दे दिए। सैनी ने बताया कि जब उसने यह रुपये वापस कर दिए तो तीनों लोगों ने अपने झांसे में फंसाने का काम शुरू किया। अजमेर को 65 हजार रुपये सहायता के तौर पर वापस कर दिए और 70 हजार रुपये का किराना स्टोर का सामान और दिलाकर उसकी दुकान करवा दी। इसके बाद तीनों लोगों ने उसको थोड़े-थोड़े रुपये देकर बताया कि उसकी तरफ साढ़े तीन लाख रुपये बन चुके हैं और एक साल के अंदर यह रुपये किसी भी सूरत में वापस करने की बात कही। एक साल बाद जब आरोपी रोहताश, संतोष और अनीता ने अजमेर से अपने रुपये मांगे तो उसने बताया कि उसके पास अभी रुपये नहीं हैं। वह थोड़े-थोड़े करके रुपये चुका देगा। इस पर तीनों लोगों ने साढ़े तीन लाख रुपये की राशि पर ब्याज लगाकर एक साल बाद साढ़े 13 लाख रुपये अजमेर की तरफ निकाल दिए। आरोप है कि पैसे देने के लिए उसको धमकी भी दी गई। इस पर अजमेर ब्याज के रूप में प्रति महीने 50 हजार रुपये के करीब देता रहा। तीनों आरोपियों ने नौ साल के अंदर अजमेर सैनी से लगभग 68 लाख रुपये और जमीन हड़प ली। इसमें अजमेर की डेढ़ एकड़ जमीन बिकवा दी। आधा किला जमीन संतोष ने अपने नाम करवा लिया और 100 गज का एक प्लाट और दो मकान भी नाम करवा लिए। इसके अलावा तीनों आरोपियों ने साजिश के तहत अजमेर का रिहायशी मकान का एग्रीमेंट भी अपने नाम करवा लिया। इसके बाद तीनों आरोपी साढ़े 13 लाख 50 हजार रुपये अब भी बकाया दिखाने लगे। अब रुपये लेने के लिए दबाव और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
अजमेर के भाई पर करवाया था हमला
शिकायतकर्ता अजमेर ने बताया कि उसके भाई पवन सैनी पर भी जानलेवा हमला दोनों महिलाओं अनीता और संतोष ने करवाया था। 19 मई 2016 को सुबह जब पवन सैनी मंडी से फल लाने के लिए दुकान खोली तो उस समय दो नकाबपोश युवक दुकान पर आए और तेजधार हथियार से जानलेवा हमला किया था और उसके भाई अजमेर सैनी को किसी भी सूरत में नहीं छोड़ने की बात कहकर फरार हो गए थे। पवन सैनी का शिकायत के आधार पर जुलाना पुलिस ने दोनों महिलाओं संतोष और अनीता और दो अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया था। लेकिन उस समय भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार समेत करेंगे आत्महत्या
अजमेर ने कहा कि संतोषजनक न्याय नहीं मिला तो वह और उसका परिवार आत्महत्या करने को मजबूर होगा। क्योंकि इस मामले में पुलिस अधीक्षक अभियंता से लेकर सीएम विंडो तक गुहार लगा चुके हैं। लेकिन उन्हें पुलिस कार्यालयों के चक्कर के अलावा न्याय नहीं मिल रहा है। उनके भाई पर हमला होने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
होगी सख्त कार्रवाई
मामले में नौ जून को एफआईआर दर्ज हो चुकी है। मामले को एएसआई कृष्ण संभाल रहे हैं। मामले की जांच की जाएगी, जो भी आरोपी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -चंद्रभान, जुलाना थाना प्रभारी।
एसएसपी से लेकर सीएम विंडो तक लगाई गुहार, नहीं हुई कार्रवाई
न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है वार्ड सात का अजमेर सैनी
महिलाओं सहित तीनों लोगों के लाखों रुपये की जमीन और नकदी हड़पने का मामला