संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। दिल्ली और उसके साथ लगते क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन (सीक्यूएम) आयोग के अध्यक्ष एम.एम. कुट्टी ने हरियाणा में इस वर्ष पराली के उचित प्रबंधन को लेकर वीरवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों के साथ कार्य योजना की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पराली जलाने की घटनाओं पर शतप्रतिशत रोक लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रदेश के सभी उपायुक्तों व अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हरियाणा ने पराली प्रबंधन की दिशा में बेहतर कार्य कर वायु प्रदूषण को कम करने का काम किया है लेकिन पराली में आग लगाने की घटनाओं को शून्य पर लाना है। इसके लिए जिला प्रशासन के अधिकारियों को इस दिशा में और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस बार 50 प्रतिशत की बजाए शतप्रतिशत पराली में आगजनी की घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए। किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध करवाएं जिससे पराली का समुचित प्रबंधन हो सके।
डीसी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि गत खरीफ सीजन के दौरान इन सीटू व एक्स सीटू माध्यम से जिले में धान फसल के अवशेषों का निस्तारण करने वाले कुल 2276 किसानों को लगभग दो करोड़ 15 लाख 42 हजार का लाभ दिया गया। इन किसानों द्वारा 22118 एकड़ में पराली, फसल अवशेष प्रबंधन किया गया था। बताया कि जिले में पराली, फसल अवशेष प्रबंधन के लिए प्रयोग की जाने वाली मशीनरियों पर सरकार अनुदान देती है। इसके अन्तर्गत लगभग 800 किसानों को 31 स्ट्रा बेलर, 62 सर्व मास्टर, 559 सुपर सीडर 70 जीरो टिलेज, 23 हे रैक व अन्य उपकरण प्रदान किए गए। उन्होंने बताया कि जिले में पराली, फसल अवशेष प्रबंधन के लिए मशीनरी की कोई कमी नहीं है, अब तक लगभग 8100 मशीन अनुदान पर प्रदान की गई हैं। कोई भी किसान भाई फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि विभाग में संपर्क कर सकता है। उन्होंने बताया कि जिले के ढाढरथ गांव में बायोमास प्लांट चालू कर दिया गया है। जो कि लगभग 70 हजार मीट्रिक टन फसल अवशेष की खरीद करेगा। इससे किसानों को काफी आर्थिक लाभ मिलेगा तथा फसल अवशेष जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि जिले में किसानों को जल संरक्षण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही स्कीमों का भी लाभ दिया जा रहा है जिसमें मेरा पानी मेरी विरासत के तहत कुल 13912 एकड़ का लक्ष्य दिया गया है। इसमें सात हजार रुपये प्रति एकड़ व धान की सीधी बिजाई स्कीम के तहत 25 हजार एकड़ का लक्ष्य दिया गया है जिसमें चार हजार रुपये प्रति एकड़ का लाभ दिया जाता है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव संजीव कौशल, पर्यावरण विभाग के एसीएस विनीत गर्ग, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन पी राघवेंद्र राव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक नरहरि बांगड़ समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।