बादली। बहादुरगढ़-बादली के बीच आए दिन सड़क के गड्ड़ों से दुर्घटनाएं होती देख सौलधा गांव के युवाओं ने इंसानियत का परिचय दिया और गड्ड़ों को कंकरीट से भरने का काम किया। इसमें सरपंच प्रदीप काजला ने अहम भूमिका निभाई।
आए दिन सड़क पर दुर्घटनाएं हो रही, बार बार प्रशासन से गड्ढों को भरने की मांग की गई। सड़क से वीआईपी भी गुजरे और अधिकारी भी, लेकिन किसी ने सड़क को ठीक करवाने की हिम्मत नहीं जुटाई। कुछ दिन पहले सड़क पर दो अलग अलग दुर्घटनाओं में दो युवाओं की जान चली गई तो सोलधा गांव में इंसानियत आगे आई। युवाओं ने अपने स्तर पर सड़क की मरम्मत करने की ठानी तो गांव के सरपंच प्रदीप काजला ने सहयोग किया और कंकरीट का प्रबंध करवाया। कंकरीट से गड्ढों को भर दिया गया। प्रदीप काजला ने बताया कि कुछ दिन पहले दो युवकों की मौत के बाद इंसानियत आगे आई और प्रशासन का इंतजार किए बिना सड़क की मरम्मत का मन बना लिया। कुछ गहरे गड्ढों को भर दिया गया। सोलधा और नया गांव के बीच करीब दर्जनों गड्ढे मरम्मत से भरे गए हैं।
बादली को बहादुरगढ़ जोड़ने वाली प्रमुख सड़क
बादली को बहादुरगढ़ से जोड़ने वाली करीब 18 किलोमीटर लंबी सड़क पर गड्ढों की भरमार है। कई गहरे गड्ढें दुर्घटनाओं को न्योता देते हैं जबकि दोपहिया वाहन चालकों के लिए मौत का कारण भी बन रहे हैं। सोलधा के ग्रामीण ने कुछ किलोमीटर दूरी के गड्ढे भर दिए लेकिन लुकसर और गुभाना गांव के पास कुछ गड्ढे अभी मौत बनकर चालकों का इंतजार कर रहे हैं।