झज्जर। जिले के 250 गांवों के लोगों को अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही एक्सरे की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। लोगों को पहले सिविल अस्पताल में जाना पड़ता था। इस सुविधा के शुरू होने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के तहत आने वाले 250 गांवों की लगभग 8 लाख की आबादी को फायदा होगा।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक्सरे मशीन लगवाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 2015 में मांग भेजी गई थी, जिसकी 2024 में मंजूरी मिली। पहले एक्सरे करवाने के लिए मरीजों को सिविल अस्पताल जाना पड़ता था।
जिले में छारा, जमालपुर, दुबलधन, ढाकला, डीघल में बने पांच सामुदायिक केंद्रों पर 16-16 लाख के बजट से कंप्यूटराइज एक्सरे मशीन लगाई गई है। प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत आसपास के 50 गांव आते हैं। इससे अब 250 गांवों की 8 लाख की आबादी को फायदा मिलेगा। वहीं एक्सरे करवाने के लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। निजी अस्पतालों में एक्सरे करवाने के लिए लगभग 300 से 500 रुपये चुकाने पड़ते हैं।
समय की होगी बचत
कंप्यूटराईज एक्सरे मशीन होने से समय में बचत होगी। सामान्य एक्सरे मशीन में रिपोर्ट लगभग 30 से 40 मिनट में मिलती है जबकि कंप्यूटराइज्ड मशीन से एक्सरे की मशीन से 10 से 15 मिनट में मिल जाती है।
जिले में लगभग पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एक्सरे मशीन को लगाया गया है ताकि लोगों को परेशानी ना हो। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्राें के आसपास के गांवों के लोगों को इसका फायदा मिलेगा। पहले यह सुविधा जिले के सरकारी अस्पतालों में केवल सिविल अस्पतालों में ही थी। स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगो को और अच्छी सुविधाएं देने का प्रयास करता रहता है, जिससे मरीजों को कोई परेशानी ना हो।
डॉ. ममता त्यागी, उप सिविल सर्जन, झज्जर