झज्जर। विदेशी हथियार मुहैया करवाने के मामले में आरोपी पहलवान सुशील वीरवार को भी पेश नहीं हुए। इस मामले में दिल्ली जेल प्रशासन ने सुरक्षा का हवाला देते हुए फिजिकल तरीके से पेश करने से मना कर दिया और वर्चुअल तरीके से पेशी की बात कही है। इसे अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनू सिंह ने इंकार कर दिया और 16 दिसंबर को फिजिकल तरीके से सुशील को पेश करने के आदेश दिए हैं।
सितंबर में छुछकवास से विशाल उर्फ चोटीवाला बिरोहड़ को संदिग्ध हालत में काबू किया था। उसके पास से इटली में बनी एक पिस्टल व आधा दर्जन जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। रिमांड के दौरान उसने पहलवान सुशील द्वारा हथियार मुहैया करवाने की बात कबूली थी। आरोपी ने बताया था कि वह अंडर-19 में नेशनल खेल चुका है।
साल 2014 में जब वह छत्रसाल स्टेडियम में कुश्ती के गुर सीखने गया तो वहां उसकी मुलाकात सुशील पहलवान से हुई थी। वह सहरावत गौत्र का है और सुशील की पत्नी का गौत्र भी सहरावत है। इसी के चलते उसका सुशील के गांव बापरौला में भी आना-जाना रहता था। सागर हत्याकांड में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद सुशील पहलवान को 4 मार्च को दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत दी थी।
इसके बाद 13 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने सुशील की जमानत रद्द की थी। आरोपी विशाल ने पुलिस को बताया था कि मई में जब सुशील दिल्ली रोहणी कोर्ट में पेशी पर गया था तो कोर्ट से बाहर उसने एक गाड़ी की तरफ इशारा किया कि उसमें से मेरा नाम लेकर एक पिस्टल और 20 कारतूस ले जाओ। हथियार और गोलियां लाने के बाद वह गांव आ गया था।
इन गोलियों में से एक दर्जन से ज्यादा गोलियां उसने हवाबाजी में फायर कर खराब कर दी थी। बाकी बची गोलियां व पिस्टल उसके पास था। इस मामले में झज्जर पुलिस ने तीन बार प्रोडक्शन वारंट लगाया था, लेकिन दिल्ली जेल प्रशासन से सुरक्षा का हवाला देते हुए पेश नहीं किया था।