बादली। बाढ़सा स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान ने कैंसर रोग बढ़ने पर चिंता जताई है। संस्थान की रोबोटिक लैब में अब तक करीब 90 लाख जांच हो चुकी हैं जबकि प्रतिदिन 90 नए रोगियों का संस्थान में पंजीकरण हो रहा है।
एनसीआई हेड डॉ. आलोक ठाकर ने बताया कि कैंसर की शीघ्र पहचान और जांच के लिए शिविर, तंबाकू समाप्ति गतिविधियां और सहभागिता जरूरी है। इसके लिए निजी वार्ड और सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (सीएमआईई) की जाने लगी है। इसी का नतीजा है कि 2024 की ओपीडी में 35330 रोगी पहुंचे जबकि 2023 में यह आकड़ा 30603 था। साल 2025 में यह आंकड़ा 50000 के पार पहुंचने का अनुमान है।
बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट और रेडियो न्युक्लिड थेरेपी वार्ड शुरू
इसी साल फरवरी में संस्थान में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने नाभिकीय चिकित्सा विभाग का शुभारंभ कर रोगियो को नई सुविधा देने का काम किया है। इसी के साथ बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट से कैंसर रोगियों को लाभ मिलने लगा है।
एनसीआई बाढ़सा में कैंसर मरीजों की डाटा
इलाज कुल
रोबोटिक जांच 66,54,727 (साल 2024 में)
बड़े ऑपरेशन 1858 (साल 2024 में)
सामान्य ऑपरेशन 1911 (साल 2024 में)
ओपीडी 500 (से ज्यादा प्रतिदिन)
नए पंजीकरण 90 (प्रतिदिन)