शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे स्त्री प्रसूति गृह के बाहर आउट सोर्सिंग के तहत कार्यरत सुरक्षाकर्मी ने अपनी दादागिरी दिखाते हुए प्रसूति गृह में परिजनों को अंदर मिलने नहीं जाने दिया। जिसके चलते करीब एक घंटे तक स्त्री प्रसूति गृह के बाहर हंगामा होता रहा। कुछ देर बात तो स्थिति यह बन रही थी कि कहीं मारपीट न हो जाए।
लेकिन वार्ड के बाहर तैनात महिला सुरक्षाकर्मी अपने फैसले पर टिकी रही। मरीजों के तीमारदारों ने जब यह देखा कि बीमार परिजनों को देखने में भी भाई-भतीजावाद हावी है तो लोग तैश में आ गए और उन्होंने वार्ड के बाहर हंगामा कर दिया। करीब एक घंटे चले हाई वोल्टेज ड्रामा आखिरकार एसएमओ के दरबार में पहुंचा। जिसके बाद एसएमओ ने अपने प्रतिनिधि को भेजकर मामले का बीच-बचाव किया। तब जाकर मामला शांत हुआ और लोग अपने बीमार परिजनों से मिल सके।
क्या कहते हैं मरीजों के परिजन
महिला फूलवती ने बताया कि उसकी पुत्रवधू ने बच्चे को जन्म दिया है। वह खाना लेकर आई थी, उसकी पुत्रवधू अंदर अकेली है। फिर भी उसे अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। महिला सुरक्षाकर्मी ने उसके साथ बदतमीजी भी की है। उन्होंने बताया कि सिर्फ जान-पहचान वालों को ही अंदर जाने दिया जा रहा है। जबकि एक व्यक्ति को अपने बीमार परिजन के साथ रहने का हक है।
दर्शना ने बताया कि उसकी भाभी अंदर एडमिट है। वो बाहर जरूरी सामान लेने के लिए आई थी। भाभी अंदर अकेली है। अब उसे अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। कारण क्या है उसका पता नहीं लेकिन सुरक्षा कर्मी अब उसको अंदर नहीं जाने दे रही। सब कुछ बता भी दिया है फिर भी जानबूझ कर परेशान महिला सुरक्षाकर्मी द्वारा किया जा रहा है।
मानसी का कहना है कि पिछले एक सप्ताह पूर्व उसका भतीजा हुआ था। वार्ड में बिजली चली गई थी। इसलिए वह बच्चे को वार्ड से बाहर लेकर आई थी। अब महिला सुरक्षाकर्मी उसे अंदर नहीं जाने दे रही। बच्चा बाहर भूख से रो रहा है और अंदर उसकी मां अकेली है। लेकिन उसके कान पर जूं नहीं रेंग रही है। जिसके चलते परेशानी हो रही है।
अनीता का कहना है कि उसकी परिजन अंदर एडमिट है। उसकी हालत गंभीर है। वो किसी काम से बाहर आई थी। लेकिन अब अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। बार-बार मरीज द्वारा बुलावे आने पर भी नहीं जाने दिया जा रहा। बल्कि बदसलूकी भी की जा रही है। जिसके चलते परेशानी हो रही है।
सुरक्षा कर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहे है। मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं है। मामले की जानकारी ली जाएंगी। कोई लापरवाही सामने आती है तो लापरवाही करने वाले कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
एनके गर्ग, एसएमओ, नागरिक अस्पताल झज्जर।