जाट आरक्षण आंदोलन की आग दिनोंदिन बढ़ रही है। अब घर में चूल्हा-चौका करने वाली महिलाएं भी आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आई हैं। आंदोलन में डटकर बैठी इन महिलाओं ने न केवल दिनभर गांव के लोगों के साथ धरना दिया बल्कि आरक्षण की मांग पर उनके सुर में सुर मिलाते हुए जमकर जाट आरक्षण की वकालत भी की। बेरी के भागलपुरी चौक पर बुधवार की सुबह जाम लगते ही यहां महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पुरुषों की तरह जाट आरक्षण को लेकर तीखे तेवर भी नजर आए। इन सभी का एक स्वर में यहीं कहना था कि जाटों को आरक्षण दिया जाना समय की जरूरत है और वह अपना अधिकार लेकर रहेंगे।
महिलाओं का कहना था कि जाटों को आरक्षण दो वरना सबका आरक्षण रद्द करो ताकि सबके बच्चों को योग्ता के हिसाब से लाभ मिले। बुधवार को बेरी के भागलपुरी चौक, मदाना चौक, गोछी, एमपीमाजरा, आदि स्थानों पर जाम लगा रहा।
तीसरे दिन भी जारी रहा जाटों का धरना-प्रदर्शन
जाट आरक्षण को लेकर बेरी क्षेत्र में तीसरे दिन भी आरक्षण मुद्दे को लेकर जाट समुदाय को धरना व प्रदर्शन जारी रहा। कई गांवों में जहां जाट समुदाय के लोगों व खासकर युवाओं ने मुख्य मार्गों पर जाम लगाकर धरना प्रदर्शन जारी रखा वहीं इसकी वजह से आमजन आज भी बुरी तरह से परेशान रहा। बेरी के भागलपुरी चौक, मदाना चौक, एमपी माजरा, दूबलधन चौक, गोछी आदि कई जगहों पर जाम लगा रहा।
बीती रात 30 फौजी ट्रक पहुंचने से गांव में चर्चा
बीती रात को बेरी क्षेत्र से आर्मी के लगभग 35 ट्रक जाम में फंस गए तो बेरी थाना प्रभारी ने आर्मी के ट्रकों को बेरी माता मंदिर से होते हुए गोशला मार्ग, से होते हुए कलानौर मार्ग पर निकला गया। थाना प्रभारी दयाचंद्र ने बताया कि बीती रात को मथुरा से हिसार कैंट आर्मी के ट्रक जाने थे जाम में फंसने के कारण इनको यहां से निकाला गया। जैसे रात को आर्मी के ट्रकों ने प्रवेश किया तो कस्बा वासियों में यह चर्चा शुरू हो गई की बेरी में फौज की गाड़ी आ गई है बाद में पता चला की ट्रक तो हिसार जा रहे थे।