जाट आरक्षण के चलते रोड जाम से हालात और खराब हो गए हैं। बुधवार को तीसरे दिन गुडगांव रोड को छोड़ कर अन्य सभी रोड जाम रहे। जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं तो गडबड़ा ही गई हैं, साथ में रोडवेज, पेट्रोल पंप संचालकों को भी लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है। सामान से भरे ट्रक पिछले चार दिन से जाम में फंसे हैं। जाम का प्रभाव अब हर क्षेत्र में दिखने लगा है। इस बीच शहर में जाम के हालात से निपटने के लिए पैरा मिलिट्री फोर्स भी पहुंच गई है। जवानों ने यहां सामुदायिक केंद्र में डेरा डाल रखा है। फिलहाल उनको सरकार के आदेशों का इंतजार है।
रोडवेज-हर रोज 8 लाख का चुना
झज्जर रोडवेज को दो दिनों में करीब 16 लाख रुपये का घटा हुआ है। झज्जर में 97 बसों में से केवल 1 चल रही है, वो भी बैजनाथ गयी है। 33 गाडियां जाम के कारण विभिन्न स्थानों पर फंसी हैं। रोडवेज के डीआई जितेंद्र सिंह के अनुसार यहां हर रोज 5.50 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। दूसरी तरफ बहादुरगढ़ के डीआई जय सिंह दुजाना ने बताया कि बहादुरगढ़ में कुल 62 बसों में से 45 बसें बहादुरगढ़-दिल्ली, गुडगांव, चंडीगढ़ व अन्य लंबे रूटों पर चल रही हैं। इसकी 8 बसें रोहतक व झज्जर में फंसी हैं। अन्य 9 बसों को वर्कशॉप में खड़ा कर दिया गया है। यहां रोडवेज को हर दिन 2.50 लाख का नुकसान हो रहा है।
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स्वास्थ्य-ओपीडी सिर्फ 250 की
झज्जर में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गयी हैं। हर रोज यहां सिविल अस्पताल में 1200 के करीब मरीज पहुंच रहे थे। अब ओपीडी केवल 250 रह गयी है। डाक्टर व अन्य स्टाफ भी समय पर नहीं पहुंच पा रहे। एंबुलेंस सेवा भी ठप है। हर दिन 70 के लगभग काल एंबुलेंस सेवा के लिए आ रही हैं, लेकिन इनमें से केवल 15 स्थानों पर ही एंबुलेंस भेजी जा रही है। एमएस डा. एनके गर्ग ने बताया कि जाट आरक्षण का स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ा है।
पेट्रोल डीजल
झज्जर जिले में 90 पेट्रोल पंप है। तेल की गाडियां तो विभिन्न रास्तो से पंपों तक पहुंच रही हैं, लेकिन तेल की डिमांड 50 प्रतिशत रह गयी है। वाहनों के न चलने के कारण प्रति पंप संचालक को हर दिन 5 से 7 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। पेट्रोल पंप संचालक एसोसिएशन के प्रधान नसीब सिंह कादियान ने बताया कि पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है,बल्कि वाहन बंद होने से तेल लेने वालों की कमी से परेशान हैं।
यहां लगा है जाम
झज्जर में 20 से अधिक स्थानों पर जाम लगाया गया है। केवल गुडगांव रुट पर ही यातायात चल रहा है। बुधवार को रोहतक रोड पर मदाना चौक, डीघल, सांपला रोड पर गांव जौंधी में दो स्थानों पर, रेवाड़ी रोड पर गांव सिलानी व माच्छरोली में, बहादुरगढ़ रोड पर गांव कबलाना में, बेरी में गोच्छी, भागलपुरी चौक, दुबलधन चौक, बादली रोड पर गांव खुगाई में जाम रहा। इसके अलावा कलानौर, कोसली की ओर जाने वाले रास्तों पर ग्वालीसन, सासरौली, खानपुर, लडायन, साल्हावास, मल्हार, जमालपुर, अकहेड़ी मदनपुर आदि स्थानों पर जाम हैं। बुधवार को महिलाएं भी जाम में शामिल हो गई। कई नए स्थानों पर भी जाम लगाया गया है।
रेल सेवा ठप
झज्जर में रेवाड़ी-झज्जर-रोहतक के लिए रेल सेवा है। यह भी पिछले दो दिन से ठप पड़ी है। डीघल के पास फाटक नंबर-35 पर मंगलवार से ही ग्रामीण रेलवे ट्रेक पर धरना दिए बैठे हैं। रेल व सड़क यातायात जाम होने से रेवाड़ी जाने में लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यहां भी असर
दूध व अन्य खाद्य पदार्थों की सप्लाई पर रोड जाम का असर पड़ा है। सब्जी मंडी में सब्जियों की आवक जारी है, लेकिन देरी से सब्जियां पहुंच रही हैं। लोगों को एक दूसरे स्थानों पर जाने के लिए विभिन्न गांवों से 20 से 25 किलोमीटर अधिक सफर करना पड़ रहा है। सरकारी कार्यालयों में भी कर्मचारी देरी से पहुंच रहे हैं। स्कूलों में पढ़ाई भी जाम की वजह से प्रभावित हो गई हैं।
अधिकारियों को मुख्यालय पर रहने के निर्देश
झज्जर। सरकार की ओर से कानून व्यवस्था से संबंधित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। उपायुक्त अनिता यादव ने कहा कि कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के अवकाश पर या दौरे पर न जाए। जन सुविधा व सुरक्षा से सीधे जुड़े कार्यालयों विशेषकर बिजली, परिवहन, जनस्वास्थ्य, सिंचाई, वन, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कें) व पुलिस आदि विभागों में सभी कर्मचारी-अधिकारी अपने मुख्यालय पर रहें।