फोटो 57 : बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन। संवाद
झज्जर। जिले में लगातार बढ़ रही ठिठुरन के साथ रैन बसेरों का काम भी ठंडे बस्ते में पड़ा है। तापमान 12 से 13 डिग्री के बीच चल रहा है वहीं प्रशासनिक स्तर पर ठंड का अहसास नहीं हुआ है। रेडक्रॉस की तरफ से बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर रैन बसेरे बनाने के लिए साइट देखी गई है लेकिन चालू अब तक नहीं किया जा सका है।
ऐसे में देर रात अपने घरों तक नहीं पहुंचने वाले लोगों को धर्मशालाओं, महंगे होटलों की तरफ दौड़ लगानी पड़ती है जबकि जरूरतमंद लोग आसमान के नीचे ही सोने को मजबूर हो रहे हैं। सर्दी का मौसम शुरू होते ही प्रशासन की तरफ से अब तक रैन बसेरों का प्रबंध कर दिया जाना चाहिए था।
पिछले साल रेडक्रॉस कार्यालय, बस स्टैंड पर रैन बसेरे बनाए गए थे। रेडक्रॉस कार्यालय में बने रैन बसेरे में सीजन में ही दो से तीन लोग ही आकर रुके थे। ऐसे में इस बार रेडक्रॉस कार्यालय में रैन बसेरा बनना मुश्किल है क्योंकि इस तरफ लोग नहीं आ पाते।
बस स्टैंड की साइट बदली
पहले नए बस स्टैंड पर हॉल में रैन बसेरा बनाया जाता था लेकिन इस बार वहां रैन बसेरा नहीं बनाया जा सकेगा। हॉल की जगह अब बस अड्डे की कैंटीन बना दी गई है। इसके चलते अब रोडवेज की तरफ से दो अन्य दुकानों को रैन बसेरा बनाने के लिए दिया गया है।
इन जगहों पर भी ज्यादा जरूरत
-सिविल अस्पताल के आसपास
-रेलवे स्टेशन
-अनाज मंडी, सब्जी मंडी
वर्जन
रैन बसेरे के लिए बस स्टैंड पर साइट का विजिट किया गया है। उम्मीद है कि सोमवार या मंगलवार को इसकी सफाई करवाकर चालू करवा दिया जाए। रेडक्रॉस में पिछले साल एक-दो लोग ही आए थे। वहां जरूरत पड़ने पर ही इसे चालू किया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर भी जरूरत पड़ने पर चालू कर दिया जाएगा।
देवेंद्र चहल, सचिव, रेडक्रॉस सोसाइटी, झज्जर।
फोटो 57 : बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन। संवाद