बहादुरगढ़ में किसान आंदोलन पर पत्रकारों से बातचीत करते अभय चौटाला। संवाद
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बहादुरगढ़। किसानों के समर्थन में सिरसा से चले इंडियन नेशनल लोकदल के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला शुक्रवार को बहादुरगढ़ पहुुंचे। यहां प्रेस वार्ता में उन्होंने सरकार से तीनों कृषि कानूनों को शीघ्र से शीघ्र वापस लेने की मांग की और कहा कि सरकार 26 जनवरी तक इन तीनों कानूनों को वापस नहीं लेगी तो वह किसानों के समर्थन में 27 जनवरी को विधानसभा से इस्तीफा दे देंगे।
अभय सिंह चौटाला ने यह भी कहा कि शनिवार को वह टिकरी बॉर्डर पर किसानों को अपना समर्थन देने के बाद प्रदेश भर में लोगों को इन काले कृषि कानूनों और सरकार की जनविरोधी नीतियों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ माह से किसान अपनी मांगों को लेकर इस भयंकर ठंड व बारिश के मौसम में डटे हुए हैं। लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। इन तीन कृषि कानूनों को बनाने से पहले किसी भी किसान संगठन से राय नहीं ली गई और ना ही किसी किसान संगठन ने ऐसे बिलों को लाने की मांग की थी। सरकार केवल पूंजीपतियों को लाभ पहुंचने के लिए जीएसटी में तो संशोधन कर देती है लेकिन किसानों की मांग के बावजूद इन तीन कानूनों को रद्द नहीं किया जा रहा। चौटाला ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था सरकार बनने के बाद किसान का कर्जा माफ कर दूंगा, लेकिन छह साल बीत जाने के बाद भी किसान कर्जदार हैं और उपर से उन पर काले कृषि कानून थोपे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री देश की जनता ने बनाया है, विदेशियों ने नहीं। इन कानूनों पर बातचीत के लिए तारीख पर तारीख दी जा रही है, जो किसानों को बरगलाने का प्रयास है। प्रधानमंत्री को आगे आकर किसानों की मांगों को स्वीकार करना चाहिए और इन कानूनों को रद्द करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज देशभर का किसान एकजुट है और इन काले कानूनों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है।
चौटाला ने कहा कि इनेलो जननायक ताऊ देवीलाल के रास्ते पर चलने वाली पार्टी है। ताऊ देवीलाल ने सदा किसानों की मदद की और उनके समर्थन में कई बार अपने पदों से इस्तीफा भी दिया। इसलिए इनेलो किसानों के समर्थन में सदैव कंधे से कंधा मिला कर खड़ी है और खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि अपने हकों की आवाज उठाने के लिए किसान दिल्ली जाना चाहता है तो उन्हें जाने क्यों नहीं दिया जा रहा। किसान संयम रखने वाला है इसलिए सरकार को टकराव का माहौल नहीं बनाना चाहिए।
पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए चौटाला ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा आज खुद को किसान हितैषी बता रहे हैं लेकिन जब विपक्ष ने विधानसभा में इन काले कृषि कानूनों को वापस लेने की बात कही थी तब उन्होंने उसका समर्थन क्यों नहीं किया। किसानों के हित में हुड्डा ने आज तक विधानसभा में आवाज क्यों नहीं उठाई।
जजपा नेता अजय चौटाला के बारे में उन्होंने कहा कि अजय चौटाला तो ताऊ देवीलाल के पौते हैं तो उन्हें सबसे पहले किसानों का समर्थन करना चाहिए था लेकिन सत्ता के लालच में वो ऐसा नहीं कर पा रहे। उन्हें ताऊ देवीलाल की किसान हितैषी नीतियों पर चलना चाहिए और किसानों के बीच में आना चाहिए।