झज्जर। शहर के सामान्य अस्पताल में सफेद मोतियाबिंद व अन्य आंखों के संबंधी बीमारियों के ऑपरेशन विभाग की ओर से करने लगभग 78 दिन बाद शुरू कर दिए हैं। आई फ्लू के चलते सिविल अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन नहीं किए जा रहे थे। अब स्थिति सामान्य होने पर ऑपरेशन दोबारा शुरू कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर वर्ष लगभग एक हजार आंखों के ऑपरेशन का लक्ष्य रखा गया है, जिसको पूरा करने के लिए विभाग लगा हुआ है।
सामान्य अस्पताल में 6 से 7 ऑपरेशन प्रतिदिन सफेद मोतिया व आंखों पर मांस बढ़ने से होने वाली परेशानी के हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक हजार के लगभग आंखों के ऑपरेशन का लक्ष्य रखा जाता है, लेकिन विभाग की ओर से करीब 2500 ऑपरेशन पूरे साल भर में किए जाते हैं, जो कि लक्ष्य से ज्यादा है। आई फ्लू के दौरान आंखों के ऑपरेशन बंद कर दिए थे, क्योंकि आई फ्लू एक संक्रमित रोग था और वह काफी तेजी से फैला भी था। अब सामान्य स्थिति के बाद ऑपरेशन शुरू कर दिए गए हैं।
आंखों की एलर्जी के मामले आ रहे सामने
नेत्र रोग के प्रतिदिन लगभग 100 मरीज अपनी आंखों का इलाज करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। आंखों में एलर्जी के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। आंखों में सूजन, लालीपन, खुजली होना आदि कई बीमारियों के मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं।
50 लोगों के हुए थे पंजीकरण
आई फ्लू संक्रमण के दौरान करीब 50 लोगो का आपरेशन करने के लिए पंजीकरण किया था, लेकिन आई फ्लू के कारण मरीजों के आपरेशन रद्द कर दिए थे। आंखों का संक्रमण अगस्त से सितंबर माह में चरम सीमा पर था, जिसके चलते आपरेशन को बंद कर दिया था।
करीब 2600 लोगों ने भरा नेत्रदान करने का शपथ पत्र भरा
जिले के 2600 लोगों ने स्वयं इच्छा से अपने नेत्रदान करने के लिए शपथ पत्र भरा है। पिछले दिनों दो-तीन लोगों ने अपने नेत्रदान भी किए हैं। व्यक्ति की मृत्यु होने के 8 घंटे तक नेत्रदान किया जा सकता है। नेत्रदान करने के लिए लोग अब ज्यादा आगे आ रहे हैं। नेत्रदान करने के लिए 108 पर फोन कर नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम को बुला सकते हैं।
सितंबर से दिसबंर तक का समय आंखों के आपरेशन के लिए अच्छा माना जाता हैं। ज्यादा ठंड का महीना जनवरी व ज्यादा गर्मी के महीने जून में आंखों के आपरेशन नहीं किए जाते हैं। हालांकि सामान्य जांच होती रहती हैं।
डॉ. मीनू, नेत्र रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल, झज्जर