बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ क्षेत्र में गेहूं की बिजाई शुरू हो गई है। किसानों को बीज न मिलने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी बीज केंद्र पर सुबह 5 बजे ही किसानों की लाइन लगनी शुरू हो जाती है और शाम तक भी मात्रा पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में काफी किसानों को बैरंग ही लौटना पड़ रहा है।
किसानों ने बताया कि एक दिन छोड़कर दूसरे दिन बीज के बैगों की गाड़ी आती है। इसमें केवल 700 कट्टे होते हैं। ऐसे में 140 किसानों को ही बीज के बैग मिल पाते हैं। किसानों ने सरकार से मांग की है कि बीज बैग की गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जाए। ताकि किसान समय पर अपने खेतों में गेहूं की बुआई कर सकें। कृषि विभाग ने 20 नवंबर तक बुआई का लक्ष्य रखा है।
शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाले ड्रेन वाले रास्ते पर सरकारी बीज केंद्र का गोदाम है। यहां पर सुबह होते ही किसानों की लाइन लगनी शुरू हो जाती है। कृषि विभाग की ओर से इस बार बहादुरगढ़ में 28 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बुआई का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, चार हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल होगी। बुधवार को केंद्र पर गेहूं का बीज खरीदने के लिए बराही, आसौदा, निलोठी, मांडोठी, टांडाहेड़ी, कानोंदा, कुलासी, लडरावण समेत अन्य कई गांवों के किसान पहुंचे, लेकिन इनमें से अधिकतर को बीज नहीं मिल पाया। ऐसे में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
लडरावण गांव के किसान सतबीर सिंह, जयबीर, बराही के जय सिंह ने कहा कि सरकारी बीज केंद्र पर आपूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है। यहां पर एक आधार कार्ड पर पांच बैग किसानों को मिल रहे हैं। प्रतिदिन बीज की गाड़ी यहां नहीं आती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि बीज की गाड़ी प्रतिदिन आए।
गेहूं की अगेती किस्म की बुआई के लिए नवंबर के पहले सप्ताह से लेकर 20 नवंबर तक का समय बेहद ही उपयुक्त माना जाता है। इस समय की गई गेहूं की बुआई में किसानों को कम लागत में अच्छा उत्पादन मिल जाता है। अगर किसान सही समय पर गेहूं की फसल की बुआई करते हैं तो उनको कम लागत में अच्छा मुनाफा मिलता है।
-डॉ. सुनील कौशिक, एसडीओ, कृषि विभाग बहादुरगढ़।
-फोटो 62 : सरकारी केंद्र के बाहर गेहूं का बीज खरीदने पहुंचे किसान। संवाद