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गोदाम फुल, अब मंडी शेड के नीचे लगेंगे गेहूं के रैक

Mon, 24 Apr 2017 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़
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Grain market - फोटो : Bureau
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मंडियों में बंपर आवक के चलते जिले में मौजूद वेयर हाउस और हैफेड के गोदाम फुल हो चुके हैं। करीब 6 लाख बैग की क्षमता के गोदाम इस समय जिले में हैं। जो कि बंपर आवक की वजह से फुल हो गए हैं। वहीं अब हैफेड के द्वारा निर्णय लिया गया है कि मंडी शेड और कुछ खुले में ही गेहूं के रैक लगाए जाएंगे। शेड फुल होने पर जो गेहूं के रैक खुले में लगाए जाएंगे, उनके लिए तिरपाल की व्यवस्था की जाएगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार जिले की मंडियों में अब तक 128814 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। वहीं लिफ्टिंग में गाड़ियां समय पर न मिलने की कुछ आढ़तियों ने समस्या बताई है। जिसके चलते जिले में लिफ्टिंग का कार्य करीब 68 फीसदी ही पूरा हो पाया है।
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ये है गेहूं खरीद का आंकड़ा
झज्जर जिले की मंडियों में अब तक कुल 128814 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। उन्होंने बताया कि जिले में खाद्य एवं पूर्ति विभाग द्वारा 34663 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 30261 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयर हाउस द्वारा 20381 मीट्रिक टन तथा एफसी आई द्वारा 43502 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। उन्होंने बताया कि झज्जर जिले की आसौदा मंडी में 3669 मीट्रिक टन, बहादुरगढ़ मंडी में 2459 मीट्रिक टन, बेरी मंडी में 30698 मीट्रिक टन, छारा मंडी में 12878 मीट्रिक टन, ढाकला मंडी में 11511 मीट्रिक टन, झज्जर मंडी में 29684 मीट्रिक टन, माजरा डी मंडी में 23605 मीट्रिक टन तथा मातनहेल मंडी में 14310 मीट्रिक टन की खरीद हुई है।            

इतना हुआ है उठान
जिले की मंडियों से अब तक 86373 मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा चुका है। खाद्य एवं पूर्ति विभाग द्वारा 18662 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 27190 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयर हाउस द्वारा 15218 मीट्रिक टन तथा एफसीआई द्वारा 25703 मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया गया है।
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लिफ्टिंग व पेमेंट से परेशान आढती लगा चुके हैं जाम
लिफ्टिंग और पेमेंट में देरी वजह से आढ़ती और कुछ किसान दो दिन पूर्व कृषिमंत्री ओपी धनखड़ के पैतृक गांव ढाकला में जाम लगा चुके हैं। जिस पर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए थे। एसडीएम प्रदीप कौशिक ने इन आढ़तियों और किसानों को समझा-बुझाकर बड़ी मुश्किल से जाम खुलवाया था। जिसके बाद भी लिफ्टिंग और पेमेंट में कोई सुधार नहीं आया है।
नहीं मिल रही गाड़ियां
आढ़ती चांद सिंह ने बताया कि ट्रांसपोर्ट की समस्या चल रही है, गाड़ियां अधिकारियों के द्वारा समय पर नहीं दी जा रही। जिसके चलते मंडी में गेहूं के ढेर लगे हुए हैं। सरकार का नियम है कि जब तक गेहूं गोदाम में नहीं जाएगा, तब तक पेमेंट खाते में नहीं आएगी। ऐसे में लिफ्टिंग की देरी से पेमेंट में देरी हो रही है। किसान उनके पास आकर अपनी समस्या बताते हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अब उठान में आई है तेजी
आढ़ती हरेंद्र सिलाना ने बताया कि पिछले एक-दो रोज से उठान में तेजी दिख रही है। कुछ मौसम में बदलाव आया है तो कुछ एजेंसियों के गोदाम भी फुल हो चुके हैं। ऐसे में उठान कर मंडी शेड नीचे जगह बनाया जाना जरूरी है तो उठान में तेजी दिख रही है। 
बंपर आवक की वजह से गोदाम फुल हो चुके हैं। अगले एक या दो दिन बाद मंडी शेड नीचे ही रैक लगाकर गेहूं रखा जाएगा। वहीं अगर खुले में रखने की जरूरत पड़ी तो उसे ढांपने की समुचित व्यवस्था की जाएगी। मंडियों में उठाने में तेजी लाई गई है और अब तक 68 फीसदी गेहूं का उठान हो चुका है।
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सुरेंद्र चौधरी, डीएम, हैफेड।
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