अचानक हुए मौसम में बदलाव से शनिवार को ठंड का अहसास हो गया। हालांकि हलकी बूंदाबांदी भी हुई, मगर इसका फसलों को भी कोई फायदा नहीं हो सका। पूरा दिन चली ठंडी हवा ने वसंत आने का अहसास करा दिया।
किसानों की फसलों को बरसात का काफी लाभ हो सकता है, मगर पूरा दिन बादल सूर्य के साथ लुका-छिपी तो करते, लेकिन बरसे नहीं। किसानों ने कुछ देर के लिए आसमान में टकटकी लगाई, शायद बरसात हो जाए। कभी तेज धूप तो कभी बादलों का उमड़ना जारी रहा।
किसानों का कहना है कि इन दिनों में अच्छी बरसात गेहूं, सरसों और गाजर के लिए सोना साबित हो सकती है। सरसों में जहां फली आना शुरू हो गई है, वहीं गेहूं में भी बाली निकल रही है। गाजर का भाव गिर चुका है और बरसात के बाद ठंड बढ़ती है तो गाजर का भाव भी चढ़ेेगा।
कृषि अधिकारी रमेश लाठर और एडीओ प्रदीप राठी कहना है कि बरसात किसानों के लिए सोना साबित हो सकती है। अब तेज हवा चलने से गेहूं और सरसों की फसल लहराते हुए अच्छी पैदावार दे सकेंगी।