कांग्रेस की गुटबंदी एक बार फिर झाड़ली पावर प्लांट पर देखने को मिली। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा मंगलवार को प्रदेश सरकार द्वारा दूसरे प्रदेश को बिजली सरेंडर के विरोध में प्रदर्शन करने प्लांट पर पहुंचे थे। इस धरने से तंवर और किरण चौधरी का धड़ा गायब रहा। हालांकि इस बात को पूर्व सीएम हुड्डा ने तवज्जो नहीं दी। धरने के बाद सवालों के जवाब में पूर्व सीएम ने कहा कि हम ही कांग्रेस हैं और हमने जो कह दिया इस पर कोई दूसरा कांग्रेसी उंगली उठाने वाला नहीं। झाड़ली में कांग्रेस की ताकत दिखाने के बाद पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पानीपत में 2 फरवरी को धरना प्रदर्शन का एलान किया। मंच पर लगे बैनर में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी, राहुल गांधी, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, दीपेंद्र हुड्डा के फोटो ही लगे रहे। धरने में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर न तो धरने में शामिल हुए, न ही उनका कहीं कोई फोटो रहा और न ही कांग्रेस के किसी विधायक या नेता ने उनका नाम लिया। इन सबके बीच धरने में शामिल हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा के पूर्व स्पीकर डॉ. योगानंद शास्त्री ने यह कह गुटबंदी को हवा दे दी कि आप हरियाणा की लड़ाई लड़ें, दिल्ली में हम सब संभाल लेंगे।
शक्ति प्रदर्शन में 11 विधायक एक सुर में बोले
हुडा प्लॉट आवंटन मामले में केस दर्ज होने के बाद झज्जर में मंगलवार को बिजली के मुद्दे के बहाने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का पहला शक्ति प्रदर्शन रहा। हुड्डा ने पावर प्लांट के बाहर भीड़ जुटाकर जहां सरकार को अपनी ताकत दिखाई, वहीं कांग्रेस के लगभग सभी विधायकों को अपने मंच पर लाकर पार्टी में अपने विरोधियों को भी ललकार दिया। धरने में मंच पर मौजूद महम के विधायक आनंद सिंह दांगी, झज्जर की विधायक गीता भुक्कल, बेरी के विधायक डॉ. रघबीर कादयान, गोहाना के विधायक जगबीर मलिक, खरखौदा के विधायक जयबीर वाल्मीकि, पलवल के विधायक कर्ण सिंह दलाल, तिगांव के विधायक ललित नागर, बरोदा के विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा, होडल के विधायक उदयभान, गन्नौर के विधायक एवं पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने एक स्वर से पूर्व सीएम हुड्डा का कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का ऐलान किया। जो विधायक मंच से दूर रहे उनमें राई के जयतीर्थ दहिया, कैथल के रणदीप सूरजेवाला, कलानौर से शकुंतला खटक और भिवानी से किरण चौधरी शामिल रही। हालांकि इनमें किरण को छोड़ कर शेष तीन हुड्डा के साथ रहे हैं।
जब हुड्डा बोले, ये कैसा सवाल
झाड़ली पावर प्लांट पर धरने के समापन के बाद पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा झज्जर में पत्रकारों से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि पानीपत में 2 फरवरी को धरना प्रदर्शन उनका अपना है या फिर कांग्रेस का। सवाल पर हुड्डा तो बोले ही साथ में कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल बोली कि ये कैसा सवाल। साथ ही हुड्डा बोले कि हम ही कांग्रेस हैं, जो हमने कह दिया इस पर कोई दूसरा कांग्रेसी उंगली उठाने वाला नहीं।
न तंवर न किरण के समर्थक हुए शामिल
झाड़ली पावर प्लांट के बाहर धरने का ऐलान पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया था। न तो धरने में किरण चौधरी समर्थक और न ही कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर समर्थक शामिल हुए। झाड़ली भिवानी जिले से सटा क्षेत्र है। वहां से चरखी दादरी के पूर्व विधायक सतपाल सांगवान धरने में शामिल रहे। पूर्व विधायक रणबीर महेंद्रा के पोस्टर लगी गाड़ियों यहां कार्यकर्ताओं को लेकर पहुंची, लेकिन रणबीर महेंद्रा मंच पर नहीं थे।
झाड़ली में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के मंच से कांग्रेसियों ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। भूपेंद्र हुड्डा व दीपेंद्र हुड्डा को सुनने के लिए आई भीड़ सुबह 11 बजे से लेकर शाम साढ़े 4 बजे तक पावर प्लांट के आगे जमी रही। कांग्रेस नेताओं को बोलने का अवसर मिला तो वे बेतुके बोल बोलने से खुद को रोक नहीं पाए। हुड्डा को वक्ताओं ने भूतपूर्व सीएम नहीं, बल्कि अभूतपूर्व सीएम बताया। कई विधायकों ने कहा कि पूर्व सीएम शब्द मुंह से निकलता ही नहीं, बल्कि कहते हुए दर्द होता है। मंच संचालन कर रहे प्रो. विरेंद्र ने कहा कि जिनका खुद का ब्याह नहीं हो रहा..वो दूसरों का क्या कराएंगे।
मेरे पै भी दया करियो
झाड़ली धरने में शामिल होने वालों का स्वागत पूर्व मंत्री एवं स्थानीय विधायक गीता भुक्कल ने किया। इसके बाद मौका पूर्व विधायक सतपाल सांगवान ने कहा कि हुड्डा तो भावी सीएम हैं ही मेरे पर भी दया करियो। पिछले चुनाव में अपनी हार पर बोले कि इस बार मत मारियो। थारी रिश्तेदारी म्हारे कानी और मारी थारे कानी है। आपस के नाते को चुनाव में भी निभा देेना। सांगवान ने यह बयान भाषण शुरू करने के साथ ही दिया। उसकी बातों पर लोग खूब हंसे भी।
मोदी क्या, उसके बाप को भी नहीं घुसने देंगे
पूर्व विधायक नरेश शर्मा, बादली ने जहां झाड़ली व बाढ़सा एम्स में दीपेंद्र हुड्डा का खून पसीना लगा है। भाई का न्यौता कैंसल दिया। अब सरकार को उखाड़ फेंकना पड़ेगा। इसके बाद उठे कांग्रेस नेता कुलदीप वत्स ने कहा कि पावर प्लांट व एम्स में मोदी क्या, उसके बाप को भी नहीं घुसने देंगे। मोदी 22 चक्कर विदेश के लगा चुके हैं, खर्चा कहां से आता है, बताना पड़ेगा।
बेटा सो जा नहीं तो मोदी आ जाएगा
झाड़ली सभा में पूर्व सांसद कैलाशो सेनी ने कहा कि सत्ता अनुभवहीन व तानाशाही हाथों में है। प्रदेश में खट्टर नहीं बल्कि खटारा सरकार है। अब तो मां भी बच्चों को यह कह डरा कर सुलाती हैं कि बेटा सो जा नहीं तो मोदी आ जाएगा। पूर्व विधायक अनीता यादव ने कहा कि एक वो सीएम थे, जिनके बेटों के नाम सुन कर लोग सोते वक्त भी खाट से खड़े हो जाते थे।
डकैतों की सरकार है
गोहाना के विधायक जगबीर मलिक ने कहा कि भाजपा नहीं, बल्कि प्रदेश में डकैतों की सरकार है। बिजली के बिलों से फ्यूल सरचार्ज के तौर पर 1 करोड़ 89 लाख करोड़ रुपये कमाना चाहती है। इससे बड़ा घोटाला शायद ही कहीं हुआ हो। पुलिस क्राइम रोकने की बजाय वाहन चालकों के चालान काटने पर लगा दी है। इससे पहले पूर्व विधायक कृष्णमूर्ति हुड्डा ने कहा कि देश व प्रदेश में झूठे एवं ढ़ोंगियों की सरकार है।
जहां मौका मिले दर्द निकला दो
खरखौदा के विधायक जयवीर वाल्मीकि ने कहा कि सरकार कुछ भी ठीक नहीं कर रही है। जहां भी मौका मिलता हो उसका दर्द निकाल दो। इससे पहले बरोदा के विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा ने कहा कि पूर्व सीएम हुड्डा आवाज दें, आदेश दें चंडीगढ़ को जाम कर देंगे। होडल के विधायक उदयभान ने कहा कि पूर्व सीएम हुड्डा पर झूठे मुकदमे करने वाले सड़क पर पिटेंगे। स्वतंत्रता सेनानी के परिवार के व्यक्ति को सरकार डराने का प्रयास कर रही है।
...उसकी हालत देख कहां पड़ा है
महम के विधायक आनंद सिंह दांगी ने कहा कि केस तो मर्दों पर बनते हैं। जो काम करेगा, दूसरों को बौखलाहट होगी ही। उन पर भी इतने केस बने, इतनी धाराएं लगी कि गिनती संभव नहीं। मैं तो फिर भी लोगों के बीच हूं। लेकिन मेरे पर केस बनाने वाले को देख कहां पड़ा है। दिल्ली के पूर्व स्पीकर डॉ. योगानंद शास्त्री ने कविताओं के माध्यम से भाजपा पर हमला बोला, कहा कि बड़े कम जरफ हैं गुब्बारे, फूंक मारते ही फूल जाते हैं, जरा सी बुलंदी छूते ही औकात भूल जाते हैं। ये भी बोले कि हालत ऐसे हैं कि गधों के ब्याह में ऊंट गीत गाएं।
श्राप तो देदूं पीछै इनके रोव कौण
पूर्व स्पीकर एवं विधायक कुलदीप शर्मा ने भी अपने ही अंदाज में भाजपा पर हमला बोला। कहा कि मामला बिजली सरेंडर का नहीं बल्कि बिजली चोरी का है। खट्टर का कनेक्शन काट दो। खट्टर जी चीन जापान गए हैं, उनको बताओ कि इस उम्र में वहां कुछ नहीं मिले। सरकार अपना काम ठीक से करे, नहीं तो दादा श्राप दे देगा। श्राप दे भी दूं तो इनकै पीछे तो रोवण आला भी कोई कोणी। बिना श्राप के ही मर जाएंगे चिंता न करो।
आतंकी बिल में नहीं, सेना के क्षेत्र में घुसे हैं : दीपेंद्र हुड्डा
झाड़ली पावर प्लांट के बाहर धरने में शामिल कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने पठानकोट में वायुसेना क्षेत्र में हुए आतंकी हमले पर पीएम मोदी व भाजपाध्यक्ष अमित शाह पर हमला बोला। शहादत से ज्यादा मुश्किल काम हम कर रहे हैं देश चलाने का, अमित शाह के इस बयान की निंदा करते हुए दीपेंद्र ने कहा कि शहादत को कभी तोला नहीं जा सकता। साथ ही उन्होंने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पठानकोट में मानवता के साथ देश पर भी हमला हुआ है। जो कहते थे कि हमारे सत्ता में आने पर आतंकी बिल में घुस जाएंगे, तो ऐसा कर देंगे, वैसा कर देंगे।
वही आतंकी बिल में घुसने की बजाय सेना क्षेत्र में घुस रहे हैं। केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठ रहे हैं। विदेश मंत्री तक से छिपाया गया कि मोदी अफगानिस्तान से पाक जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश पर आतंकी हमले के मामले में कांग्रेस भाजपा जैसी राजनीति नहीं करती। केंद्र सरकार सबको साथ लेकर फैसला करे, हम भी शामिल होंगे। इससे पहले दीपेंद्र ने पठानकोट के शहीदों को श्रद्धांजली दी।
दानी नहीं अदानी है
झाड़ली पावर प्लांट की बिजली सरेंडर करने के मुद्दे पर भी सांसद दीपेंद्र ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा जिस उद्योगपति अदानी से सस्ती बिजली खरीदने की बात कह रही है। वह अदानी है कोई दानी नहीं, जो सस्ती बिजली देगा। सरकारी कारखाना से मुनाफा घाटा लोगों के हिसाब से चलता है, जबकि अदानी का मुनाफा उसकी जेब के हिसाब से चलता है। उन्होंने कहा कि गुजरात के बाद हरियाणा दूसरा प्रदेश है जहां बिजली देश में सबसे महंगी है। पीएम मोदी व सीएम खट्टर के रिश्तों को जोड़ते हुए कहा कि गुरु शिष्य की बात तो कहीं न कहीं होगी ही।
सरकार समझ जाए, नहीं तो...
झाड़ली पावर प्लांट की बिजली को सरेंडर करने के मामले में दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार को चेताया कि भाजपा सरकार समझ जाए। क्षेत्र के लाखों लोग जब कारखाना लगाने के लिए आ सकते हैं। बाढ़सा में कैं सर संस्थान के उद्घाटन पर जो डर था कि दीपेंद्र आया तो पता नहीं क्या कर दे, वो झाड़ली में हो जाएगा। सरकार झाड़ली में पावर प्लांट से छेड़छाड़ न करें, लाखों लोग विरोध में आ जाएंगे।
भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई हो, जनता सचेत हो जाए कि बिजली के लिए अब लड़ाई लड़नी पड़ेगी। उन्होंने इनेलो पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा-इनेलो की मिलीजुली सरकार है। इनेलो के अभय चौटाला को क्या दिक्कत है कि वह सरकार को बुढ़ापा पेंशन दो हजार रुपये करने से रोक रहे हैं। धान घोटाले में भी सरकार का साथ दे रहा है। इनेलो सरकार की प्रवक्ता का फर्ज निभा रही है।
पानीपत में दो फरवरी को हल्ला बोलेंगे पूर्व सीएम हुड्डा
बिजली को लेकर आंदोलन का ऐलान झाड़ली में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कर दिया, लेकिन पानीपत में धरने प्रदर्शन की तारीख तीसरी बार फाइनल हुई।
करीब 20 मीनट के भाषण में पूर्व सीएम हुड्डा ने बिजली के बढ़े रेटों और पावर प्लांट की बिजली को सरेंडर करने के विरोध में सरकार को चेताया। घोषणा की कि 31 जनवरी को पानीपत में धरना प्रदर्शन करेंगे। अगले ही क्षण कार्यकर्ताओं से सलाह ली और पानीपत में धरने प्रदर्शन के लिए 1 फरवरी की तारीख तय कर दी। समाप्ति के बाद पूर्व सीएम हुड्डा ने झज्जर में पत्रकारों से बातचीत की। बताया कि अब पानीपत में विरोध प्रदर्शन व धरना 2 फरवरी को होगा। असल में एक फरवरी को स्व. रणबीर हुड्डा की पुण्यतिथि है। 31 जनवरी को रविवार है और धरना प्रदर्शन हम कार्यदिवस पर करना चाहते हैं।
पावर प्लांट की सुरक्षा कड़ी
झाड़ली पावर प्लांट की बिजली सरेंडर करने के विरोध में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुउ्डा के धरने को देखते हुए पावर प्लांट की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी।
नहीं मिली बिजली
झाड़ली में पावर प्लांट लगाकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश के लिए 1500 मेगावाट बिजली का प्रबंध किया। मंगलवार को हुड्डा पावर प्लांट के बाहर धरने पर पहुंचे तो उनके माइक के लिए भी बिजली की व्यवस्था नहीं हो पाई। पूरा समय माइक बैटरी से चला। कांग्रेस नेताओं माइक सर्विस वाले को चेता दिया था कि बैटरी की व्यवस्था करके आए।
जाम की रही स्थित
झाड़ली पावर प्लांट पर कांग्रेस का धरना गेट के पास सड़क के किनारे पर था। धरना स्थल पर वाहनों की पार्किंग के लिए जगह न होने के कारण सैकड़ों वाहनों को रोड के किनारे ही खड़ा किया गया था। इससेंसायं तक जाम की स्थिति बनी रही। सांसद दीपेंद्र हुड्डा सबसे बाद में दोपर बाद सवा एक बजे धरना स्थल पर पहुंचे। उनकी गाड़ी रुकते ही लोगों का हुजूम उनके पास उमड़ पड़ा।