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Jhajjar-Bahadurgarh News: जलकुंभी से ढके वाटर टैंक, लीकेज से बह रहा पानी, शहर प्यासा

Tue, 30 Jun 2026 09:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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फोटो-54: ये कोई झील का दृश्य नहीं बल्कि बहादुरगढ़ के जलघर के वाटर टैंक का है। यहां समय पर सफाई न
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बहादुरगढ़। भीषण गर्मी और पेयजल व्यवस्था की खामियों ने बहादुरगढ़ में पेयजल का संकट गहरा दिया है। शहर में प्रतिदिन करीब 50 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी की आवश्यकता है लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से लगभग 27 एमएलडी पानी की ही आपूर्ति हो पा रही है। इसके चलते अधिकांश वार्डों में दो से तीन दिन के अंतराल पर पेयजल मिल रहा है और लोगों को मजबूरी में निजी टैंकरों और कैंपरों से पानी खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक परेशानी पुराने शहर के साथ-साथ पिछले वर्ष वैध घोषित हुई कॉलोनियों में है। यहां नियमित जलापूर्ति नहीं होने से परिवारों को करीब एक हजार रुपये खर्च कर निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। पानी की किल्लत को लेकर आमजन के साथ जनप्रतिनिधि भी लगातार अधिकारियों के समक्ष शिकायतें कर रहे हैं।
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शहर में जल संकट की एक बड़ी वजह जल भंडारण व्यवस्था की अनदेखी भी मानी जा रही है। बहादुरगढ़ के पांच वाटर टैंकों में से दो में समय पर सफाई नहीं होने के कारण जलकुंभी और कमल के पौधों ने पूरे टैंक को ढक लिया है। वहीं एक टैंक सफाई के लिए खाली पड़ा है। इससे पर्याप्त मात्रा में पानी का भंडारण नहीं हो पा रहा और उपलब्ध पानी का भी पूरा लाभ शहरवासियों तक नहीं पहुंच रहा।
इसके अलावा शहर की पुरानी पाइप लाइनों में जगह-जगह से लीकेज। इससे प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ बह रहा है। भीषण गर्मी के दौरान अचानक बढ़ी पानी की मांग और बीच-बीच में बिजली आपूर्ति बाधित होने से जलापूर्ति का पूरा शेड्यूल प्रभावित हुआ है। कई क्षेत्रों में बैकलॉग बनने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ संदीप दुहन ने बताया कि शहर को रॉ वाटर पर्याप्त मात्रा में मिल रहा है लेकिन पुराने पाइप लाइन नेटवर्क और लीकेज के कारण रोजाना सभी क्षेत्रों में नियमित सप्लाई देना संभव नहीं हो पा रहा। जिन इलाकों में ज्यादा परेशानी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर पानी पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने के बाद तापमान कम होगा, पानी की मांग घटेगी और जलापूर्ति व्यवस्था में भी सुधार आने की उम्मीद है।

नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन राजपाल उर्फ पालेराम शर्मा का कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में यही हालात बनते हैं। उनका मानना है कि केवल बारिश के भरोसे राहत मिलने की उम्मीद करना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। जल भंडारण क्षमता बढ़ाने, लीकेज रोकने और वितरण व्यवस्था को मजबूत किए बिना बहादुरगढ़ को पेयजल संकट से स्थायी राहत मिलना मुश्किल होगा।
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वहीं शहरवासी जोहरी नगर निवासी राजेश कुमार, देव नगर निवासी नरेश, सैनीपुरा निवासी दीपक आदि ने बताया कि उनके यहां पर पहले हर तीसरे दिन पेयजल सप्लाई होती थी। अब यह शेड्यूल गड़बड़ाया है। अब चौथे या पांचवें दिन पानी मिल रहा है। बार-बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं है। टैंकरों से पानी सप्लाई मंगवाई जा रही है। एक टैंकर एक हजार रुपये में पड़ रहा है।
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50 एमएलडी जरूरत, 27 एमएलडी आपूर्ति: बहादुरगढ़ में गहराया पेयजल संकट
हर चौथे-पांचवें दिन मिल रहा पानी, टैंकरों पर बढ़ी निर्भरता
भीषण गर्मी में सूखे नल, बहादुरगढ़ में पानी के लिए हाहाकार
लीकेज और जर्जर पाइपलाइन ने बढ़ाया जल संकट, लोग खरीद रहे पानी
वाटर टैंकों की अनदेखी पड़ी भारी, शहर में पेयजल आपूर्ति चरमराई
पानी की किल्लत से परेशान शहरवासी, एक टैंकर के लिए चुकाने पड़ रहे हजार रुपये
जल संकट पर जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल, स्थायी समाधान की मांग
बारिश से राहत की उम्मीद, फिलहाल पेयजल संकट से जूझ रहा बहादुरगढ़
जलकुंभी से ढके वाटर टैंक, लीकेज से बह रहा पानी, शहर प्यासा
आपूर्ति आधी, मांग दोगुनी: बहादुरगढ़ में पेयजल व्यवस्था पर उठे सवाल
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