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ग्वालीशन गांव में जल संकट, जलघर के टैंक सूखे

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झज्जर। जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूरी पर स्थित करीब 5000 की आबादी वाले ग्वालीसन गांव में पीने के पानी का संकट छाया हुआ है। गर्मी के मौसम में गांव में जलघर होने के बावजूद लोगों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है।
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जलघर के साथ लगे हैंडपंपों से लोग पानी भर कर प्यास बुझा रहे हैं या फिर आरओ संचालकों से मोल पानी खरीद कर पी रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के जल घर में पानी के स्टोरेज के लिए 3 टैंक बनाए गए हैं। नहर से पानी डालने के बाद भी टैंकों में जल्द ही पानी लीक होने की वजह से जमीन में रिसाव हो जाता है। जिसकी वजह से इन टैंकों में पानी भी नहीं रुक पा रहा है। पानी की आपूर्ति के लिए जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से जल घर में 3 ट्यूबवेल भी लगाए गए हैं। जिनसे फिलहाल पानी की आपूर्ति गांव में की जा रही है। जितनी बिजली आती है उसके हिसाब से ही पानी का स्टोरेज कम हो पाता है। इतना ही नहीं जल घर में तीन मोटर लगाई गई हैं जिनमें से दो मोटर खराब पड़ी हैं।
बताया जा रहा है इस गांव के जल घर की सफाई के लिए करीब 6 लाख रुपये की पिछले दिनों ग्रांट आई थी और उस दौरान पंचायत की तरफ से करीब 2 लाख से गांव के जलघर की सफाई करवाई गई थी। जबकि 4 लाख रुपये की राशि फिलहाल भी पंचायत विभाग के पास बची हुई है। ग्रामीण जलकर के साथ लगे हैंडपंपों से बाइक, साइकिल, सिर पर व रेहड़ियों में पानी भरकर ले जाते हैं। इन हैंड पंपों पर भी लोगों की दिनभर भीड़ लगी रहती है। वहीं महिलाओं को सिर पर भी पानी ढोकर लाना पढ़ रहा है।
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ग्रामीणों की परेशानी, उन्हीं की जुबानी
गांव के जल घर में करीब 10 दिन पहले जेएलन से 2 दिन पानी आया था। इसके बाद भी अब टैंक सूखे पड़े हैं और गांव में 3 जोन में 40-40 मिनट पानी की आपूर्ति की जा रही है। जिसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पानी भी नहीं चढ़ पा रहा है। गांव में गर्मी के मौसम में फिलहाल पूरी तरह से जल संकट छाया हुआ है।
- अनिल कुमार।
ग्रामीणों को हैंडपंपों के सहारे ही पीने का पानी का कार्य काम चलाना पड़ रहा है। गांव के जलकर की टैंकों की जब तक मरम्मत नहीं कराई जाएगी तब तक इनमें पानी का रिसाव जारी रहेगा। टैंकों की तली पक्की कराने के बाद ही कुछ समाधान हो सकता है।
- मनोज कुमार।
पिछले दिनों जलघर की सफाई के लिए करीब 6 लाख रुपये की ग्रांट आई थी, लेकिन ग्राम पंचायत में जेसीबी व कुछ मजदूर लगा कर एक बार तो नाममात्र की सफाई करवाई थी। जबकि करीब चार लाख रुपये की राशि फिलहाल भी बची हुई है और टैंकों की सफाई नहीं करवाई जा रही है।
- प्रेम धनखड़, ग्वालीसन।
जल घर में करीब 10 दिन पहले जवाहरलाल नेहरू कैनाल से 2 दिन पानी आया था। वह भी तीन-चार दिन बाद ही खत्म हो गया था। अब जल घर के टैंकों में पानी नहीं बचा है। केवल ट्यूबवेल से ही सप्लाई की जा रही है। पानी की आपूर्ति में 15 मिनट की कटौती की गई है।
- ओम प्रकाश, जलघर कर्मचारी, ग्वालीसन
शनिवार को मैं स्वयं जलघर में जाकर स्थिति देखूंगा। टैंकों की सफाई के लिए एस्टीमेट व इनकी मरम्मत करवाने के लिए भी एस्टीमेट सरकार को भेजे जाएंगे ताकि समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
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- जयदीप, जेई, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, झज्जर।
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