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Jhajjar-Bahadurgarh News: गोरिया गांव में एथेनाॅल संयंत्र का ग्रामीणों ने किया विरोध, पुलिस के साथ हुई बहस

Tue, 25 Nov 2025 02:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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24jjrp19- गोरिया गांव में एथेनाल के विरोध में उतरे ग्रामीणों से बात करते पुलिस अ​धिकारी। स्रोत-
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साल्हावास। गांव गोरिया गांव में लगने वाले एथेनॉल प्लांट और भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी के आने की सूचना पर विरोध में काले झंडे लेकर ग्रामीणों ने धरना, प्रदर्शन किया। इस दौरान कई बार पुलिस व ग्रामीणों के बीच बहस भी हुई।
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बताया जाता है कि पुलिस ने ग्रामीणों को धरने से उठाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं मानें। पुलिस ने काले झंडे भी ले लिए। बाद में मंत्री के न आने की सूचना पाकर ग्रामीण लौट गए। एथेनॉल प्लांट के विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान एडीसी जगनिवास, एसडीएम बेरी रेणुका नांदल, एसीपी प्रदीप कुमार, ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार नवदीप कुमार मातनहेल, सतबीर सिंह चौकी प्रभारी झाड़ली मौके पर मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष कहा कि गोरिया गांव में 15 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित एथेनॉल गैस प्लांट लगाने की जब से चर्चा शुरू हुई तब से ही ग्रामीण प्लांट का विरोध कर रहे हैं। यह केवल एक प्लांट का विरोध नहीं है बल्कि पर्यावरण, जलस्तर और भविष्य की पीढ़ियों की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।
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इस प्लांट से न केवल हवा और पानी दूषित होगा बल्कि क्षेत्र की कृषि भूमि भी बर्बाद हो जाएगी। फैक्ट्री चलने से क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ेगा जिससे स्वास्थ्य, फसल और भूजल पर गंभीर असर पड़ेगा। वही इस संबंध में जिला पार्षद शिव कुमार खोरडा ने बताया कि तानाशाही की जा रही है जिससे किसानों का नुकसान होगा।
पहले ही प्लांट और औद्योगिक कंपनियों की वजह से यहां की लगभग 500 एकड़ भूमि सेम ग्रस्त है। अब यह एथेनॉल प्लांट लग गया तो 200 एकड़ और जमीन खराब हो जाएगी क्योंकि वेस्टेज पानी भी जमीन में ही डाला जाएगा। इससे भूमि जल भी दूषित होगा। एडीसी, एसडीएम व अन्य अधिकारियों ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन नहीं माने। इस दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को धरने से उठाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। बाद में मंत्री के नहीं आने की सूचना पाकर ग्रामीण लौट गए।


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ग्रामीणों का आरोप- सीएलयू रद्द हो चुकी
ग्रामीण दाताराम, पूर्व सरपंच भूप सिंह, पूर्व सरपंच छाजूराम, संदीप,सतीश, हवा सिंह नंबरदार, शेर, कैप्टन रामेहर, अनिल फौजी, प्रदीप आदि का आरोप है कि कंपनी के मालिक ने धोखे से किसानों से जमीन ली है। उस पर चेंज ऑफ लैंड यूज(सीएलयू) और सीटीई भी नहीं मिली है। कहा कि उनकों मंत्री के गांव में आने की सूचना मिली है। इस पर वह अपनी बात रखने के लिए जुटे थे लेकिन मंत्री नहीं आए।

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बीमारियों से त्रस्त ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया कि पहले ही उनके यहां खराब वायु प्रदूषण की वजह से आंखों में जलन, कैंसर, दमा, फेफड़ों की बीमारी फैल चुकी है। ऐसे में इस संयंत्र का लगना खतरे से खाली नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है और लगने वाले इस संयंत्र को रद्द करने की बात कही है।
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