म्हारा गांव-जगमग गांव योजना से जुड़े गांवों में अब बिजली आपूर्ति 12 से 15 घंटे प्रतिदिन से बढ़ाकर 15 से 18 घंटे की जाएगी। योजना से जुड़े आठ गांवों को इससे फायदा होगा। वीरवार को डीसी अनीता यादव ने संबंधित गांवों की पंचायत प्रतिनिधियों, बिजली निगम के अधिकारियों की बैठक में पूरी योजना पर चर्चा की। बैठक में योजना के विभिन्न पहलुओं को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई। डीसी ने बताया कि म्हारा गांव-जगमग गांव योजना में शामिल गांवों में अब बिजली आपूर्ति को 12 से 15 घंटे प्रतिदिन से बढ़ाकर 15 से 18 घंटे करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए संबंधित गांव को कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। औपचारिकता पूरी होने पर बिजली आपूर्ति 18 से 21 घंटे प्रतिदिन की जा सकती है। आपूर्ति में विस्तार के लिए औपचारिकता पूरी करने को लेकर अगर ग्रामीणों में किसी प्रकार की झिझक या संशय है तो उसे दूर करने के लिए संबंधित उपमण्डल अधिकारी(ना.) व बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता भी गांव में खुला दरबार लगाकर लोगों को जागरूक करेंगे। यूएचबीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता एमएस दहिया ने बताया कि इस योजना के तहत झज्जर जिले के आठ गांव जुड़े है। जिनमें मातनहेल, धौड़, खातीवास, दरियापुर, लगरपुर, देवरखाना, लोहट व मुंडाखेड़ा है।
ये करें तभी ज्यादा बिजली बैठक में बताया गया कि 15 से 18 घंटे बिजली आपूर्ति कराने के लिए सभी गांवों में बिजली के मीटर घर से बाहर व केबल लगवानी पड़ेगी। जबकि 21 घंटे तक बिजली आपूर्ति के लिए लाइन लॉस 25 प्रतिशत व 90 प्रतिशत बिलों का भुगतान करना पड़ेगा। इस योजना के दायरे में शामिल गांव में किसी उपभोक्ता का कनेक्शन काट दिया गया है तो उसके बकाया बिल पर ब्याज माफ कर दिया जाएगा। जबकि किसी उपभोक्ता की डिफाल्ट राशि ज्यादा है तो उसे भी पांच किश्तों में ब्याज व सरचार्ज मुक्त बिल जमा कराने का अवसर मिलेगा। जगमग योजना से जुड़े गांवों में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण करने व नए कनेक्शन जारी करने के लिए विशेष दरबार लगेंगे। योजना के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने की जिम्मेवारी पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों की होनी चाहिए। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त नरेश नरवाल, बेरी के एक्सईएन मुनींद्र कादियान, बीडीपीओ झज्जर आशीष मान सहित विभिन्न गांवों के सरपंच व पंच भी उपस्थित रहे।