फोटो नंबर 73 खेतों में सूखाने के लिए रखी गई सरसों की कटी हुई फसल। (संवाद)
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बादली। बेमौसम बारिश और तेज हवा से खेतों में कटी और खड़ी सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। 2 दिन बाद रविवार की सुबह धूप खिलने के बाद किसानों ने खेतों की ओर रुख किया और सरसों की कटी हुई फसल को फैलाने का काम किया।
किसान रामवीर और रामनिवास का कहना है कि कटी हुई सरसों की फसल को अब सुखाने का प्रयास है। फसल को नमी से बचाया जा रहा है ताकि दाने को काला होने से बचाया जा सके। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश से भीगी सरसों की फसल को जल्द से जल्द सुखाकर थ्रेशिंग कार्य कर लेना चाहिए।
फसल जमीन पर बिछ जाने और भीगने के कारण दानों की गुणवत्ता खराब होने और पैदावार में 70% तक नुकसान की आशंका है जिससे किसान चिंतित हैं। बारिश के बाद पकी हुई सरसों की फसल पर तेज हवाओं ने सबसे ज्यादा असर डाला है जिससे फसल जमीन पर गिर गई।
कृषि विभाग की एसडीओ सुनील कौशिक ने बताया कि भीगी हुई कटी फसल को फफूंदी से बचाने के लिए तुरंत थ्रेशिंग करना मुश्किल है जिससे दानों के काले पड़ने का डर है। ऐेसे में उसे ऊपर उठाकर रखने का प्रयास करें ताकि वह सीधे नमी के संपर्क में न रहे। नमी के कारण झुलसा रोग की संभावना बढ़ जाती है।