शादी के कार्ड पर भगत सिंह की फोटो।
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शादी तो आपने बहुत देखी होंगी। आजकल लोग शादियों में क्या कुछ नहीं करते। कई शादियों में लाखों का खर्च होगा, मेहमानों की लंबी लिस्ट होगी है। कुछ लोग डेस्टिनेशन वेडिंग करते हैं। इन सबसे बीच हरियाणा के झज्जर जिले के गांव गोरिया में एक अनोखी शादी हुई। यहां दूल्हा-दुल्हन तो थे, लेकिन न तो पंडित थे और न ही मंत्रोच्चारण हुआ। यह शादी अब चर्चा में है।
गोरिया के शहीद भगत सिंह युवा मंच के सदस्य सर्वेश भुक्कर ने केक काटकर अपनी दुल्हन पारस को वरमाला पहनाई। इस दौरान कोई भी सोने चांदी के आभूषण विवाह में नहीं लिए गए। शादी के बाद मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बयाए शहीद भगत सिंह के फोटो के सामने पुष्प अर्पित कर शादी की रस्म निभाई गई। शहीद भगत सिंह को साक्षी मानकर शादी की रस्में पूरी की गई।
इंकलाब जिंदाबाद और भगत सिंह अनर रहे के नारे लगे
खास बात यह रही कि इस खास शादी में न पंडित जी आए और ना ही मंडम सजा था। आपसी सहमति से मंत्रोच्चार के साथ शादी करने के बजाय केक काटकर व भगत सिंह के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित करने के बाद दुल्हे व दुल्हन ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई गई। वरमाला के समय भी इंकलाब जिंदाबाद व शहीद भगत सिंह अमर रहे के नारे लगाए गए।
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शादी का कार्ड भी रहा चर्चित
शहीद भगत सिंह युवा मंच के सदस्य सर्वेश भुक्कर ने बताया कि वे छात्र जीवन से ही भगत सिंह के जीवन से प्रभावित रहे हैं। वे भगत सिंह को अपना आदर्श मानते हैं। उन्होंने अपने शादी के कार्ड पर गणेश भगवान की फोटो की बजाय दीनबंधु छोटूराम व शहीद भगत सिंह का फोटो छपवाया हुआ है। शादी कार्ड में कहीं चाक भात व मंगल गीत की सूची न बनवाकर सीधे प्रीति भोज व बरात प्रस्थान का समय दर्शाया गया है। पर्यावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ही सभी रस्मों में मेहमानों को पौधे वितरित किए गए।
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