झज्जर। गांव बंबुलिया में दो मासूम जुड़वां भाई कुत्ते के पिल्ले को बचाने के चक्कर में तालाब में डूब गए। मासूमों को तालाब से निकाल कर सामान्य अस्पताल भर्ती कराया गया। जहां पर दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही साल्हावास पुलिस भी सामान्य अस्पताल पहुंच गई थी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शव गृह भिजवाया। जहां से पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद मृतकों परिजनों को सौंप दिया है।
जानकारी अनुसार बंबुलिया गांव निवासी संदीप के घर सात साल पहले एक साथ दो लड़कों ने जन्म लिया था। दोनों बच्चे चौथी कक्षा में पढ़ते थे। मंगलवार को अंश और वंश नामक दोनों कुत्ते के पिल्लों के साथ खेल रहे थे। घर के निकट तालाब होने के कारण व पिल्लों के साथ तालाब के निकट पहुंच गए। पिल्ला तालाब में गिर गया। जिसे पकड़ने के लिए दोनों बच्चे भी तालाब में जा गिरे। गांव के लोगों ने उन्हें पानी में गिरते देखा तो उन्होंने बच्चों को पानी से बाहर निकाल कर बचाने का प्रयास किया। बच्चों को निकाल कर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां पर दोनों बच्चों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सांप की फुंकार से मासूम की मौत
वहीं दूसरी ओर खेड़ी आसरा गांव में एक मासूम की सांप की फुंकार से डरकर मौत हो गई। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई तो पुलिस भी मौके पर पहुंची और बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल भेजा। जहां से पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव बच्चे के परिजनों को सौंप दिया। जानकारी अनुसार बिहार को सहरसा जिले के खोजरी गांव निवासी सुनील ने बताया कि वह सोमवार को ही अपने करीब 25 साथियों के साथ खेड़ी आसरा गांव के एक ईंट-भट्ठे पर काम करने के लिए आए थे। रात को वह भट्ठे पर सोए हुए थे। सुबह एक बड़ा सांप निकल आया और उसके तीन साल के बेटे विकास के सामने फन फैलाकर खड़ा हो गया। सांप से बच्चे की तरफ जोर से फुंकार मारी तो बच्चा वहीं पर बेहोश हो गया और कुछ दर में ही उसने दम तोड़ दिया।
नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद पुलिस ने दोनों के शवों को परिजनों के हवाले कर दिया।
- सुरेश कुमार, पुलिस थाना प्रबंधक, साल्हावास।