नागरिक अस्पताल में शिफ्ट की गई डिस्पेंसरी से दवा लेते हुए मरीज व अन्य।
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बहादुरगढ़। सरकारी अस्पताल में सुधार के लिए नित नए कदम उठाए जा रहे हैं। अब यहां पर नए सिरे से व्यवस्था लागू की जा रही है। सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी भवन में अब गर्भवती स्वागत कक्ष बनाया जा रहा है। भवन के पिछले हिस्से के एक कमरे में दवा केंद्र (डिस्पेंसरी) भी चालू कर दी गई है। अब पहले की जगह नहीं बल्कि दूसरे स्थान पर मरीजों को दवाई मिलनी शुरू हो गई हैं।
जब से कोरोना महामारी फैली है तभी से बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में भी व्यवस्थाएं कुछ लचर होने लगी थी। मगर अब धीरे-धीरे यहां पर फिर से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में काम शुरू हो गया है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को एक-दूसरे से दूरी पर खड़ा होने को लेकर जहां लगातार जागरूक किया जा रहा है। वहीं इस कार्य के लिए निर्धारित दूरी के हिसाब से बैंच व कुर्सियां तक लगा दी गई है। अस्पताल के खुले परिसर में मरीजों की सुविधाओं को ध्यान रखते हुए यह कदम उठाया है क्योंकि ओपीडी कैम्पस का काफी हिस्सा अकसर तंग ही रहता है। कई ओपीडी के आगे मरीजों के खड़े रहने के कारण वहां भीड़भाड़ बन जाती थी। इसके कारण मरीजों को बाहर से ही देखा जा रहा है। यदि किसी मरीज की बीमारी को लेकर उन्हें यह लगता है कि ओपीडी कक्ष के अंदर ही उसे देखा जा सकता है तो डाक्टर मरीज को अंदर बुलाकर भी देख रहे हैं। मगर इस दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर विशेष ध्यान भी दिया जा रहा है।
बदली नजर आई व्यवस्था
मंगलवार को नागरिक अस्पताल की व्यवस्था अन्य दिनों की बजाय व्यवस्था कुछ बदली नजर आई। दवा केंद्र के बाहर जो भीड़ लगी रहती थी अब वह नई जगह बनाए गए दवा केंद्र पर नहीं दिखाई दी, क्योंकि जहां डिस्पेंसरी शिफ्ट की गई है। वहां काफी जगह खुली है ऐसे में यहां न तो भीड़भाड़ की स्थिति ज्यादा रहेगी बल्कि एक-दूसरे मरीजों-तीमारदारों के बीच खड़े होने के लिए शारीरिक दूरी भी सुनिश्चित बन सकेगी।
क्या कहते हैं पीएमओ
सरकारी अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मरीजों को मिले और उन्हें किसी तरह की दिक्कतें न हों, इसको ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। जहां लैब को अपग्रेड किया जा रहा है वहीं अन्य संस्थागत सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उनका ध्येय प्राथमिकता आधार पर अच्छी से अच्छी चिकित्सीय सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध कराना है।
-डॉ. प्रदीप शर्मा, पीएमओ, नागरिक अस्पताल, बहादुरगढ़।