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गौरव: बहादुरगढ़ के दो खिलाड़ी हरियाणा की झांकी में होंगे शामिल, योगेश कथुनिया और दीपक पूनिया दिखाएंगे दांवपेच

Mon, 24 Jan 2022 05:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो शील भारद्वाज, संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)

सार

दोनों खिलाड़ियों ने गणतंत्र दिवस समारोह के पूर्वाभ्यास में भाग लिया। गणतंत्र दिवस समारोह में भागीदारी तय होने से दीपक पूनिया के साथ ही परिजन, कोच और कुश्ती प्रेमी भी खुश हैं।
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दीपक पूनिया और योगेश कथुनिया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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बीते वर्ष ओलंपिक में जलवा दिखाने के बाद अब देश के खिलाड़ी गणतंत्र दिवस पर दिखाएंगे कि अपना देश भी खेलों में पीछे नहीं है। बुधवार को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में बहादुरगढ़ के दो खिलाड़ी हरियाणा की झांकी में शामिल होंगे। दोनों खिलाड़ियों ने गणतंत्र दिवस समारोह के पूर्वाभ्यास में भाग लिया।

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रिहर्सल में भाग लेने के बाद दीपक ने कहा कि यह उनके लिए गौरव की बात है कि उन्हें राष्ट्रीय समारोह में भाग लेने का मौका मिल रहा है। कहा कि वह सेना में हैं नायब सूबेदार होने के चलते देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी समझते हैं।

दीपक के कोच रहे उन्हीं के गांव छारा के निवासी आर्य वीरेंद्र पहलवान ने कहा कि विश्वस्तरीय पहलवान ही नहीं, वह अच्छे सैनिक, अनुशासित युवा और देशभक्त भी हैं। गणतंत्र दिवस की झांकी में दीपक को देखकर खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और दर्शकों को देशभक्ति की प्रेरणा मिलेगी। दीपक के पिता सुभाष ने कहा कि टोक्यो में दुनिया के पहलवानों अपनी प्रतिभा दिखाने वाले फौजी बेटे को अब गणतंत्र दिवस समारोह की झांकी में देख बेहद खुशी होगी।
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बहादुरगढ़ की राधा कॉलोनी के डिस्कस थ्रो के पैरालिंपिक रजत पदक विजेता योगेश कथुनिया तो गणतंत्र दिवस समारोह की झांकी में शामिल होने से बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने अपने दोस्तों और प्रशंसकों को बताया तो वे भी योगेश को झांकी में देखने के उत्सुक हैं। उन्होंने भी गणतंत्र दिवस समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल में भाग लिया।

सैनिक परिवार से आने वाले योगेश ने बताया कि जब वह छोटे थे तो पिता ऑनरेरी लेफ्टिनेंट ज्ञानचंद तीनों बहन भाइयों को गणतंत्र दिवस समारोह दिखाने के लिए ले जाते थे। अब बड़े गौरव की बात है कि वह खुद ही राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह की झांकी का हिस्सा बन रहे हैं।

योगेश के दादा सूबेदार हुकमचंद ने भी खुशी जताई। पिता ज्ञानचंद ने कहा कि जब से पता चला कि बेटा झांकी में भाग लेगा तभी से सेना के गौरवशाली कार्यक्रमों की याद आ आने लगी। भतीजे की सफलता से चाचा प्रेमचंद भी प्रसन्न हैं। उन्होंने कहा कि यह झांकी खेल प्रेमियों को देशभक्ति की प्रेरणा देगी।

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