गांव लुहारी-पाटौदा रोड पर एक पिकअप व टाटा मैजिक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में घायल 7 जनों को सिविल अस्पताल लाया गया। घायलों में से एक ने सिविल अस्पताल तो दूसरे शिक्षक की पीजीआई रोहतक में मौत हो गई। मंगलवार को मृतकों के पोस्टमार्टम के वक्त परिजनों ने आरोप जड़ा कि न तो समय पर चिकित्सा और न ही पुलिस सहायता मिली। कार्रवाई समय पर हुई होती तो शायद जान बच जाती। पुलिस फिलहाल छानबीन में लगी है।
रेवाड़ी से कुछ लोग सोमवार शाम एक टाटा मैजिक में सवार होकर झज्जर की ओर आ रहे थे। रास्ते में लुहारी-पाटौदा रोड पर टाटा मैजिक की सामने से आई एक महेंद्रा पिकअप से जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में ड्राइवर कृष्ण कुमार ने खुद को बचा लिया, लेकिन टाटा मैजिक में सवार सुभानाथ, रमेशनाथ, दलीपनाथ, सुनीलनाथ, सुंदरनाथ, संजयनाथ, शिक्षक मेहर सिंह घायल हो गए। शिक्षक को छोड़कर शेष व्यक्ति देसी जड़ी बूटी बेचने का काम करते हैं। बाद में घायलों को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया। दो ही हालत खराब हो गई। इसके बाद शिक्षक मेहर सिंह निवासी कन्हेरी को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया, जबकि सुंदरनाथ निवासी गांव गादला रेवाड़ी की अस्पताल में ही मौत हो गई। अन्य पांच घायलों सुभानाथ, रमेशनाथ, दलीपनाथ, सुनीलनाथ, संजयनाथ का सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है।
कई घंटे बाद आई पुलिस, सुबह कार्रवाई की कह लौटी
पोस्टमार्टम के दौरान घायलों व मृतकों के परिजनों ने पुलिस पर भी समय पर कार्रवाई न करने के आरोप जड़े। दलीपनाथ, सुनीलनाथ, संजयनाथने बताया कि हादसा सायं साढ़े चार बजे के करीब हुआ। तुरंत बाद ही उन्होंने पुलिस को 100 नंबर पर सूचना दे दी। पुलिस सहायता के लिए नहीं पहुंची। इसके बाद भी बार बार पुलिस को फोन किए गए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रात को 11 बजे के करीब एक सिपाही सिविल अस्पताल पहुंचा। बिना कार्रवाई किए यह कह लौट गई कि सुबह कार्रवाई करेंगे।