सेक्टर-6 स्थित अपना घर से लापता हुए तीन में से दो बच्चे सुनील और मोहित सकुशल दिल्ली के एक अनाथालय में मिल गए हैं।
इससे बाल कल्याण विभाग और पुलिस ने भी कुछ राहत की सांस ली है, लेकिन तीसरे बच्चे हरेंद्र के बारे में अभी तक 6 दिन बीत जाने के बाद भी सुराग नहीं लग पाया है।
दोनों बच्चों को लेने के लिए पुलिस यहां के प्रोग्राम ऑफिसर के साथ दिल्ली पहुंची है। देर शाम तक पुलिस उन्हें यहां लेकर नहीं लौटी।
प्रारंभिक जांच में बच्चों के यहां मन न लगने की बात सामने आई है। पुलिस बच्चों की मेडिकल जांच के बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष उनके बयान दर्ज कराएगी। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
चौकी प्रभारी उप निरीक्षक वीरेंद्र ने बताया कि गत शुक्रवार से तीन बच्चे सुनील, मोहित और हरेंद्र संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे।
ये अपना घर से स्कूल में जाने के लिए निकले थे, लेकिन देर शाम तक भी वापस नहीं लौटे थे। इसके बाद अपना घर के अधिकारियों ने पुलिस को उनके लापता होने की सूचना दी थी, जिस पर पुलिस ने उनको तलाशने के लिए तीन टीमें गठित की थीं।
ये टीमें स्थानीय स्तर पर पानीपत, दिल्ली और हिसार के लिए भेजी गई थीं। बाल भवन से बच्चों के लापता होने पर प्रशासन के साथ यहां के अधिकारी और पुलिस भी काफी चिंतित थी।
हरियाणा बाल अधिकारी संरक्षण आयोग ने भी इस मामले में कड़ा संज्ञान लिया था और उन्हें नोटिस देकर बच्चों के लापता होने के कारणों की रिपोर्ट भेजने के लिए कहा था।
मगर अब दो बच्चों के मिलने से काफी राहत मिली है, लेकिन तीसरे बच्चे हरेंद्र का अभी भी कोई पता न चलने पर कुछ चिंता अभी भी बाकी है।
ट्रेन से पहुंचे थे दिल्ली
जो बच्चे अपना घर से लापता हुए, वे बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार होकर दिल्ली पहुंचे थे। कहीं उन्हें कोई पहचान न ले, इसको ध्यान रखते हुए काफी देर तक वे इधर-उधर छिपते रहे, लेकिन जब दिल्ली लावारिस हालत में घूमते मिले तो एक अनजान व्यक्ति की नजर उन पर पड़ी।
जब उसने दोनों बच्चों से पूछा तो वे स्पष्ट नहीं बता रहे थे। ऐसे में उसने दिल्ली के मोरी गेट स्थित एक प्रयास अनाथालय में उन्हें भिजवा दिया। यहां से सूचना के बाद चौकी प्रभारी व बाल कल्याण विभाग के अधिकारी उन्हें लेने गए।
--रणधीर सिंह, शहर थाना प्रभारी, बहादुरगढ़